भारत-रूस के बीच सैन्य समझाैता लागू

    20-Apr-2026
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भारत-रूस के बीच सैन्य समझाैता लागू हाे गया है. दाेनाें देशाें के तीन-तीन सैनिक तैनात किए जाएंगे. इसमें 5 युद्धपाेत और 10 सैन्य विमानाें की तैनाती पर भी सहमति हाे गई है. दाेनाें देशाें की सेनाएं एक दूसरे देश की जमीन, मिलिट्री बेस तथा बंदरगाहाें का इस्तेमाल कर सकेंगी. 2025 में हुए समझाैते पर अब अमल शुरू हाे गया है. नया समझाैता 5 साल तक लागू रहेगा. बातचीत के बाद सहमति काे आगे बढ़ाया जाएगा. भारत और रूस के बीच रेसिप्राेकल एक्सचेंज ऑफ लाॅजिस्टिक सपाेट रक्षा समझाैता अब लागू हाे गया है.दाेनाें देशाें की सेनाएं एक-दूसरे के मिलिट्री बेस, एयरबेस और बंदरगाहाें का इस्तेमाल कर सकेंगी, जिससे लंबे समय तक सैन्य तैनाती और ऑपरेशन आसान हाेंगे.
 
डील में लाॅजिस्टिक सपाेर्ट भी शामिल है. इसके तहत ईंधन, पानी, मरम्मत, तकनीकी संसाधन और अन्य जरूरी सप्लाई उपलब्ध कराई जाएंगी.वहीं, विमानाें के लिए एयर ट्रैफिक कंट्राेल और फ्लाइट से जुड़ी सेवाएं भी मिलेंगी. यह समझाैता फरवरी 2025 मसाइन हुआ था और दिसंबर 2025 में रूस ने इसे मंजूरी दी. यह 5 साल के लिए लागू रहेगा, जिसे आपसी सहमति से आगे बढ़ाया जा सकता है. हालांकि, यह समझाैता युद्ध के लिए नहीं है. इसका इस्तेमाल केवल शांति के समय ट्रेनिंग, संयुक्त अभ्यास और लाॅजिस्टिक सहयाेग के लिए किया जाएगा.
 
इस डील काे भारत और रूस के बीच मजबूत हाेती रणनीतिक साझेदारी का अहम कदम माना जा रहा है, जिससे दाेनाें देशाें के बीच सैन्य तालमेल और सहयाेग और बेहतर हाेगा. भारत ने अमेरिका के साथ भी ऐसा ही समझाैता किया है. रूस के साथ यह पैक्ट दिखाता है कि भारत अपनी रक्षा जरूरताें के लिए किसी एक पक्ष पर निर्भर नहीं है. समझाैते के तहत भारत और रूस एक-दूसरे की गाेपनीय जानकारी और सैन्य ठिकानाें की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. दिसंबर 2025 में राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा के दाैरान इस समझाैते काे अंतिम रूप दिया गया था और 2026 की शुरुआत में इसे पूरी तरह लागू कर दिया गया ताकि दाेनाें देशाें की सेनाएं संयुक्त अभ्यास और मानवीय सहायता के लिए एक-दूसरे के संसाधनाें का तुरंत उपयाेग कर सकें.