मनपा में स्वीकृत नगरसेवक पदाें की नियुक्ति काे लेकर बीजेपी में अंदरूनी कलह अब सामने आ गई है.कुछ नामाें काे लेकर पार्टी में दाे गुट बन गए हैं और राजनीतिक माहाैल गर्मा गया है. चूंकि साेमवार (20 अप्रैल) काे मनपा की सर्वसाधारण बैठक में 7 स्वीकृत नगरसेवकाें की आधिकारिक घाेषणा की जाएगी, इसलिए पूरा राजनीतिक खेमा इस बात पर ध्यान दे रहा है कि इस चुनाव में काैन हाेगा.स्वीकृत नगरसेवकाें के नामाें काे लेकर विवाद की चिंगारी महापाैर और विधायकाें के टकराव वाले रुख के कारण लगी है. महापाैर रवि लांडगे और उपमहापाैर शर्मिला बाबर ने पार्टी प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण काे पत्र लिखकर कुछ सदस्याें के नामाें की सिफारिश की है. महापाैर के समर्थन से समर्थकाें में उत्साह का माहाैल है.
हालांकि दूसरी तरफ बीजेपी विधायक गुट ने इस चयन का कड़ा विराेध किया है. उन्हाेंने सीधे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और पार्टी प्रदेश अध्यक्ष काे पत्र भेजकर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए बीजेपी के अंदर की गुटबाजी काे उजागर किया है.निष्ठावान बनाम नए चेहरे इस चयन के माैके पर पुराने निष्ठावान कार्यकर्ता बनाम नए चेहराें का संघर्ष भी देखने काे मिल रहा है. कार्यकर्ताओं में इस बात काे लेकर असमंजस का माहाैल है कि जाे लाेग कई वर्षाें से पार्टी के लिए काम कर रहे हैं, उन्हें माैका मिलेगा या अन्य पार्टियाें से आए लाेगाें काे प्राथमिकता दी जाएगी. साेमवार (20 अप्रैल) काे हाेने वाला फैसला सिर्फ 7 सीटाें के चुनाव के बारे में नहीं है, बल्कि इससे शहर में बीजेपी की अंदरूनी ताकत और भविष्य के राजनीतिक समीकरणाें की दिशा भी तय हाेगी.