उत्तराखंड में रविवार से चारधाम यात्रा शुरू हाे गई है. दाेपहर 12 बजकर 15 मिनट पर गंगाेत्री और 12 बजकर 35 मिनट पर यमुनाेत्री के कपाट खाेल दिए गए. गंगाेत्री में पहली पूजा पीएम माेदी के नाम की हुई, जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शामिल हुए. इस पूजा के खत्म हाेने के बाद आम लाेग अब मां गंगा के दर्शन कर पा रहे हैं.उधर, मां यमुनाेत्री में कपाट खुलते ही काफी देर से दर्शन के लिए खड़े लाेगाें की भीड़ अब मंदिर की तरफ बढ़ी लाेगाें ने दर्शन किया. वहीं, बाबा केदार की डाेली भी अपने शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर से फाटा की ओर रवाना हाे गई है. बाबा की पंचमुखी डाेली 21 अप्रैल काे केदारनाथ पहुंचेगी जिसके बाद अगले दिन 22 अप्रैल कपाट खुलेंगे.
अक्षय तृतीया के अवसर पर सुबह मां यमुना की शीतकालीन गद्दी स्थल खुशीमठ (खरसाली) से पारंपरिक विधि-विधान के साथ डाेली यात्रा प्रारंभ हुई. शनिदेव की डाेली की अगुवाई में सुबह साढ़े आठ बजे मां यमुना की डाेली यमुनाेत्री धाम के लिए रवाना हुई. यमुनाेत्री धाम क्षेत्र पारंपरिक वाद्य यंत्राें और आईटीबीपी देहरादून के बैंड की धुन से गुंजायमान रहा. इसदाैरान मां यमुना के जयकाराें से वातावरण भक्तिमय बना रहा.खुशीमठ से प्रस्थान करने के बाद डाेली यात्रा यमुनाेत्री धाम पहुंची, जहां हवन-पूजन और विधिवत अनुष्ठान संपन्न किए गए.इसके बाद शुभ मुहूर्त में दाेपहर 12:35 बजे परंपरा अनुसार कपाट खाेल दिए गए. इस क्षण के साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे. कपाट खुलने के साथ ही यमुनाेत्री धाम में श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हाे गई है और पूरे क्षेत्र में आस्था व उत्साह का माहाैल बना हुआ है. इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, मंदिर समिति के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु माैजूद रहे.