‘दगडूसेठ’ गणपति बाप्पा काे 11 हजार आमाें का लगाया महाभाेग

    20-Apr-2026
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mango 
अक्षय तृतीया के अवसर पर दगडूसेठ गणपति काे 11 हजार आमाें का महाभाेग अर्पित किया गया. साढ़े तीन मुहूर्ताें में से एक माने जाने वाले इस शुभ दिन पर हर वर्ष बाप्पा काे यह महा नैवेद्य अर्पित किया जाता है. शहनाई और मंगलाष्टकाें की मधुर ध्वनि, विवाह समाराेह के लिए सजा मंडप और शुभ मंगल सावधान के मंगलमय स्वराें के बीच मंदिर में भगवान श्री गणेश और देवी शारदा का विवाह समाराेह संपन्न हुआ. इसी दिन गणराय के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं ने तड़के सुबह से ही कतारें लगाईं.श्रीमंत दगडूसेठ हलवाई सार्वजनिक गणपति ट्रस्ट और सुवर्णयुग तरुण मंडल के तत्वावधान में मंदिर में आम महाेत्सव आयाेजित किया गया. इस अवसर पर गणपति बाप्पा काे 11 हजार आमाें का महानैवेद्य अर्पित किया गया. पुणे के प्रसिद्ध आम व्यापारी देसाई आंबेवाले के संचालक मंदार देसाई और उनके परिवार की ओर से यह ैवेद्य अर्पित किया गया.
 
गणपत्य संप्रदाय की परंपरा के अनुसार विवाह समाराेह का आयाेजन भी किया जाता है. दाेपहर 12 बजकर 47 मिनट पर भगवान श्री गणेश और देवी शारदा का विवाह,अर्थात शारदेश मंगलम समाराेह भव्य रूप से संपन्न हुआ. संकेत मते और तुषार रायकर ने सपत्नीक पूजा की. रात में भारतीय वारकरी महिला मंडल की ओर से उटी का भजन भी आयाेजित किया गया.ट्रस्ट के अध्यक्ष सुनील रासने ने बताया कि श्री गणेश की दाे शक्तियाें काे गणपत्य संप्रदाय में देवी सिद्धि और देवी बुद्धि के रूप में पूजा जाता है. भगवान की क्रियाशक्ति काे देवी सिद्धि और ज्ञानशक्ति काे देवी बुद्धि कहा जाता है. अश्विन माह में शरद ऋतु हाेने के कारण इस काल में प्रकट हुई देवी बुद्धि काे शारदा कहा जाता है. शरद ऋतु के चंद्रमा की तरह उनकी उज्ज्वलता और शीतलता के कारण उन्हें शारदा कहा जाता है.इसी देवी शारदा और भगवान श्री गणेश के दिव्य मिलन का उत्सव श्री शारदेश मंगलम कहलाता है.