मुंबई, 20 अप्रैल (आ.प्र.) हर रविवार को साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के आयोजन के लिए प्रसिद्ध चित्रनगरी संवाद मंच ने अपने आयोजनों का दोहरा शतक पूरा करते हुए 200वां कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न किया. यह विशेष आयोजन गोरेगांव स्थित केशव गोरे सभागृह में आयोजित किया गया. कार्यक्रम के धरोहर सत्र में शायर देवमणि पांडेय ने सात प्रसिद्ध मजाहिया शायरों को स्मरण किया. साथ ही व्यंग्यकार समीक्षा तेलंग की पुस्तक ‘बेड़ा गर्क’ है पर विशेष चर्चा आयोजित की गई, जिसमें प्रख्यात व्यंग्यकार प्रेम जनमेजय और सूर्यबाला के विचार प्रस्तुत किए गए. सुभाष काबरा के प्रभावी संचालन में आयोजित इस गोष्ठी में समीक्षा तेलंग, दमयंती दीपा, सोनू पाहुजा, विवेक अग्रवाल, अरुण शेखर, के.पी. सक्सेना ‘दूसरे’ हरि मृदुल, देवमणि पांडेय तथा स्वयं सुभाष काबरा ने अपनी उत्कृष्ट रचनाओं का पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया. कार्यक्रम में साहित्यकार विभा रानी और प्रो. रामबक्ष विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. अंत में संस्था की ओर से डॉ. मधुबाला शुक्ल और राजेश रितुपर्णा ने सभी वक्ताओं एवं उपस्थित साहित्य प्रेमियों का आभार व्यक्त किया.