कर्मचारी राज्य बीमा निगम में राजभाषा सम्मेलन संपन्न

विभिन्न वक्ताओं ने राजभाषा की प्रासंगिकता एवं कामकाज में उपयोग पर व्यक्त किए विचार

    21-Apr-2026
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बिबवेवाड़ी, 20 अप्रैल (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)

सरकारी कामकाज में हिंदी के बढ़ते प्रभाव और डिजिटल युग में राजभाषा की प्रासंगिकता को लेकर कर्मचारी राज्य बीमा निगम, उप क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा बिबवेवाड़ी स्थित अपने परिसर के सम्मेलन कक्ष में 16 अप्रैल को एक दिवसीय राजभाषा सम्मेलन का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं विशेषज्ञ वक्ताओं द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर, महिला कार्मिकों द्वारा ईश वंदना कर तथा उप निदेशक संजय कुमार शर्मा एवं उप निदेशक सुशील कुमार द्वारा मुख्य अतिथि एवं वक्ताओं को शाल ओढ़ाकर व पौधे भेंट कर किया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कर्मचारी राज्य बीमा निगम अस्पताल एवं चिकित्सा महाविद्यालय, बिबवेवाड़ी के डीन डॉ. प्रदीप गायकवाड़ की उपस्थिति रही. उन्होंने अपने संबोधन में भारत सरकार की राजभाषा नीति के निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यालयीन पत्राचार सुनिश्चित किए जाने पर जोर दिया और कहा कि इसे 100% तक पहुंचाना चाहिए्‌‍. फाइल-नोटिंग में भी उक्तानुसार ही कार्य हो. सम्मेलन की अध्यक्षता कार्यालय के प्रशासनिक प्रधान एवं संयुक्त निदेशक (प्रभारी) सुकांत चंद्र दास ने ऑनलाइन माध्यम से की. वे ओडिशा से गूगल मीट के माध्यम से जुड़े. उन्होंने कहा कि हिंदी को अनुपालन की वस्तु न समझकर इसे कार्य-संस्कृति का हिस्सा बनाएं. उन्होंने कहा कि भाषाएं हमें जोड़ती ह्‌ैं‍. चाहे मेरी मातृभाषा ओड़िया हो अथवा आपकी मराठी, हिंदी हम सबके बीच एक सेतु का कार्य करती है और हमें इस सेतु को अधिक मजबूत करना है. कार्यालय के उपनिदेशक संजय कुमार शर्मा ने कहा कि यह सम्मेलन माननीय संसदीय राजभाषा समिति द्वारा हमारे कार्यालय के किए गए निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देश के अनुपालन में किया जा रहा है. सम्मेलन में विशेषज्ञ वक्ताओं के रूप में सी-डैक, पुणे से संयुक्त निदेशक डॉ. सुधीर मिश्र, कर्मचारी राज्य बीमा निगम मुख्यालय, नई दिल्ली से संयुक्त निदेशक (राजभाषा) श्याम कुमार तथा उप निदेशक (राजभाषा) राजेश शर्मा ने अपने विचार व्यक्त किए. सी-डैक, पुणे से आमंत्रित वक्ता एवं संयुक्त निदेशक डॉ. सुधीर मिश्र ने कार्यालयों में भारत सरकार की राजभाषा नीति के अपेक्षानुरूप कार्यान्वयन के लिए राजभाषा टूल्स और तकनीक पर विशेष जोर दिया. इस अवसर पर उप क्षेत्रीय कार्यालय के सहायक निदेशकगण अभय कुमार, प्रेम कुमार, धर्मेंद्र कुमार, बीरेंद्र माइकल खाखा, नितिन गोटाफोड़े, नीलकंठ वारंग, महावीरजी, भावना पाटिल, सुजाता अगस्ति और धीरज थूल सहित सभी कार्यालय अधीक्षक, सामाजिक सुरक्षा अधिकारी तथा नियंत्रणाधीन शाखा कार्यालयों के शाखा प्रबंधकगण ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. बिबवेवाड़ी अस्पताल के सहायक निदेशक राकेश कुमार सिंह भी उपस्थित रहे. सम्मेलन की रूपरेखा सहायक निदेशक (राजभाषा) निरंजन कुमार सामरिया ने प्रस्तुत की. मंच संचालन चेष्टा गांधी द्वारा किया गया. ईश वंदना विरश्री पेठे, पूजा सपकाल और पूजा गायकवाड़ द्वारा की गई.  
 
ई-ऑफिस में हिंदी का प्रयोग बढ़ाना जरूरी
 संसदीय राजभाषा समिति की निरीक्षण प्रश्नावली के विशेषज्ञ वक्ता एवं संयुक्त निदेशक श्याम कुमार ने भारत सरकार की राजभाषा नीति के विभिन्न संवैधानिक और सांविधिक प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की और बताया कि कैसे राजभाषायी प्रावधानों का कार्यालय के दैनिक कामकाज में पालन किया जा सकता है. ई-ऑफिस में हिंदी के प्रयोग के विशेषज्ञ उपनिदेशक राजेश शर्मा ने ई-ऑफिस में फाइलिंग और प्रेषण के दौरान हिंदी के व्यावहारिक प्रयोग का सजीव प्रदर्शन कर अधिकारियों और कर्मचारियों की शंकाओं का समाधान किया.