अक्षय तृतीया पर ज्वेलरी क्षेत्र में देश में लगभग 20,000 कराेड़ रुपयाें का काराेबार हुआ.शुभ मुहूर्त पर लाेगाें ने ज्वेलरी खरीदी.
इसके कारण शाेरुमाें पर खरीदाराें की भारी भीड़ लगी रही.मुंबई-पुणे सहित राज्य के बड़े शहराें में भी जमकर काराेबार हाेने से ज्वेलर्स में भारी उत्साह देखने काे मिला.अक्षय तृतीया पर रविवार काे देशभर में साेना-चांदी की बिक्री 20,000 कराेड़ रुपये के पार पहुंचा. यह जानकारी कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने दी है. खास बात यह है कि यह रिकाॅर्ड काराेबार ऐसे समय में हुआ. जब साेना और चांदी दाेनाकी कीमतें ऐतिहासिक ऊंचाई पर हैं. पिछले साल अक्षय तृतीया पर करीब 16,000 कराेड़ रुपये का काराेबार हुआ था.
इस बार कीमतें बढ़ने के बावजूद काराेबार मूल्य में बड़ा उछाल देखा गया.कैट के मुताबिक अक्षय तृतीया पर साेना खरीदना हमेशा से परंपरा रही है, लेकिनऊंची कीमताें के कारण ग्राहकाें की खरीदारी शैली बदल रही है. लाेग अब इस तरह की खरीदारी में दिलचस्पी दिखा रहे हैं : हल्के वजन की ज्वेलरी, राेज पहनने याेग्य ज्वेलरी, चांदी की ज्वेलरी, डायमंड ज्वेलरी छाेटे वजन के सिक्के. ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गाेल्डस्मिथ फेडरेशन के अनुसार साेनाचांदी व्यापार का मूल्य ताे बढ़ा है.16,000 कराेड़ रुपये के साेने के व्यापार का मतलब है करीब 10 टन साेने की बिक्री से है. औसतन एक ज्वेलर मात्र 25 से 50 ग्राम साेना ही बेच पाया. वहीं 4,000 कराेड़ रुपये की चांदी का मतलब 157 टन चांदी की बिक्री से है.