भक्तिभाव से वर्षीतप तपस्वियों के उपवास संपन्न

इक्षु (गन्ने) रस का सेवन कर 251 तपस्वियों ने की पारणा

    21-Apr-2026
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कोंढवा, 20 अप्रैल (आज का आ नंद न्यूज नेटवर्क)

आज जैन धर्म का सबसे बड़ा दिन है. अक्षय तृतीया पर भगवान ऋषभदेव की तपस्या (उपवास) का समापन इक्षु रस (गन्ने का रस) पिलाकर किया गया. पुणे में कोंढवा के वर्धमान सांस्कतिक भवन के लॉन्स पर श्री गोटीवाला ओसवाल जैन संघ व श्री आदेिशर महाराज मंदिर ट्रस्ट द्वारा आयोजित वर्षीतप शाही, पारणा महोत्सव में 251 वर्षीतप तपस्वियों ने गन्ने का रस पीकर ‌‘वृषभदेव ना पगले... पगले...‌’ बोल कर वर्षीतप का पारणा संपन्न किया. जैसे उस समय भगवान ऋषभदेव को श्रेयांस कुमार ने गन्ने का जूस पिलाया था और उपवास खत्म हुआ था, वैसे ही सभी 251 तपस्वियों को जूस पिलाकर उनका उपवास संपन्न किया गया. इस अवसर पर जैन साधु-साध्वीजी को भी जूस पिलाया गया. जैन समाज बड़ी संख्या में इस अवसर पर उपस्थित रहा और हर तपस्वी को भक्तिभाव से एक चम्मच जूस पिलाया गया.