केंद्रीय मंत्री पीयूष गाेयल ने मुंबई के कांदिवली में ‘भारत टैक्सी ऐप’का आधिकारिक उद्घाटन किया, जिसे निजी कैब एग्रीगेटर सेवाओं के मुकाबले एक ठाेस ड्राइवर-केंद्रित विकल्प के रूप में देखा जा रहा है. सरकार ने इसके आधार काे मजबूत करने के लिए शशांक शरद राव के नेतृत्व वाले प्रमुख ऑटाे और टैक्सी यूनियन के साथ साझेदारी की है. इस ऐप का मुख्य उद्देश्य ड्राइवराें काे निजी कंपनियाें के भारी कमीशन से मुक्ति दिलाना और उन्हें इस प्लेटफाॅर्म का वास्तविक हितधारक बनाना है. इस पहल के तहत सरकार इलेक्ट्रिक वाहनाें (ई-ऑटाे और ई-टैक्सी) काे अपनाने पर विशेष जाेर दे रही है.मंत्री गाेयल ने स्पष्ट किया कि सीएनजी और पेट्राेल के बढ़ते खर्चाें काे कम करने के लिए चालकाें काे पुराने वाहनाें के बजाय इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए प्राेत्साहित किया जाएगा.
इसके लिए चालकाें काे थाेक खरीद पर छूट और लगभग 9.5% की रियायती दर पर मुद्रा ऋण उपलब्ध कराया जाएगा. साथ ही, पश्चिमी उपनगराें में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की याेजना भी तैयार की गई है.सुरक्षा के लिहाज से ऐप में एसओएस (एसओएस) बटन, पुलिस सत्यापन और रियल-टाइम रिस्पांस सिस्टम जैसी सुविधाएं शामिल की गई हैं. यह प्लेटफाॅर्म पहले से ही दिल्ली एनसीआर और गुजरात जैसे क्षेत्राें में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुका है.फिलहाल, ड्राइवर संस्करण शुरू हाे चुका है जिसे 25,000 से अधिक बार डाउनलाेड किया गया है, जबकि यात्रियाें के लिए यह ऐप मई के पहले सप्ताह में उपलब्ध हाेने की उम्मीद है. यह कदम न केवल चालकाें की आय बढ़ाएगा, बल्कि मीटर आधारित मानक किराए से यात्रियाें का विश्वास भी बहाल करेगा.