पुणे ग्राेथ हब के कारण स्टार्टअप, आईटी और विनिर्माण क्षेत्र में बड़ा निवेश हाेगा. इसलिए ग्राेथ हब परियाेजनाओं के लिए पुणे के आर्थिक क्षेत्र के दीर्घकालिक दृष्टिकाेण काे ध्यान में रखते हुए समावेशी नियाेजन करें, ऐसा सुझाव राज्य वित्त आयाेग के अध्यक्ष डाॅ. नितिन करीर ने हाल ही में दिया. नीति आयाेग, राज्य सरकार और पीएमआरडीए की महत्वाकांक्षी याेजना पुणे ग्राेथ हब प्रारूप का सामान्य प्रशासन विभाग की अपर मुख्य सचिव वी. राधा ने वीडियाे काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गुरुवार काे जायजा लिया. उन्हाेंने निर्देश दिए कि संबंधित विभाग बैठकें कर समन्वय के साथ अंतिम प्रारूप तैयार करने की प्रक्रिया में तेजी लाएं.इस अवसर पर संभागीय आयुक्त कार्यालय से डाॅ. करीर, संभागीय आयुक्त डाॅ. चंद्रकांत पुलकुंडवार, महामेट्राे के प्रबंधनिदेशक श्रवण हर्डीकर, पिंपरी चिंचवड नगर निगम आयुक्त डाॅ. विजय सूर्यवंशी, पीएमआरडीए की अतिरिक्त आयुक्त के.
मंजुलक्ष्मी, पीएमपीएल के एमडी महेश आव्हाड, पुणे नगर निगम की अतिरिक्त आयुक्त पवनीत काैर, जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी, जिला परिषद के सीईओ गजानन पाटिल और विभिन्न विभागाें के अधिकारी व सलाहकार कंपनियाें के प्रमुख उपस्थित थे. डाॅ. करीर ने कहा कि परियाेजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए सभी संबंधित विभाग विस्तृत बैठकें करें और प्रत्येक विभाग के भविष्य के दृष्टिकाेण, जरूरताें व प्राथमिकताओं काे समझते हुए इस कार्य काे प्राथमिकता दें.इस दाैरान प्रस्तुतीकरण के माध्यम से परियाेजनाओं की प्रगति, आर्थिक एवं जीवन स्तर सूचकांकाें का निर्माण, उत्पादन, बुनियादी ढांचा, कनेक्टिविटी और शहरी विकास क्षेत्राें पर गहन अध्ययन एवं कार्यान्वयन का दृष्टिकाेण, आर्थिक, जीवन स्तर, स्थिरता व समावेशिता पर आधारित डेटा-आधारित नियाेजन, सरकारी-निजी भागीदारी व निवेश नियाेजन पर जाेर और एकीकृत क्षेत्रीय नियाेजन पर विशेष ध्यान देने के संबंध में जानकारी दी गई.