दिल्ली कैपिटल्स काे इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के अपने अभियान काे फिर से पटरी पर लाने के लिए शनिवार (25 अप्रैल) काे यहां हाेने वाले मुकाबले में तालिका में शीर्ष पर चल रही पंजाब किंग्स के खिलाफ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना हाेगा. पिछले मैच में सनराइजर्स हैदराबाद से 47 रनाें से हार का सामना करने वाली दिल्ली के लिए वापसी की राह काफी चुनाैतीपूर्ण हाेगी.इसके लिए उसके ज्यादातर खिलाड़ियाें काे एक साथ अच्छा प्रदर्शन करना हाेगा.6 मैचाें में तीन जीत और तीन हार के साथ दिल्ली फिलहाल अंकतालिका के छठे स्थान पर है, जबकि पंजाब किंग्स छह मुकाबलाें में 11 अंकाें के साथ शीर्ष पर काबिज है. उनका एकमात्र अंक तब गया था जब काेलकाता में मैच बारिश के कारण रद्द हाे गया था.दिल्ली की सबसे बड़ी समस्या उसकी बल्लेबाजी में अस्थिरता रही है. केएल राहुल, डेविड मिलर, ट्रिस्टन स्टब्स और समीर रिजवी ने कुछ पारियाें में याेगदान दिया है, लेकिन पूरी टीम एक साथ प्रदर्शन करने में नाकाम रही है.
सलामी बल्लेबाज पथुम निसांका शुरुआत काे बड़े स्काेर में बदलने में असफल रहे हैं, जिससे मध्यक्रम पर दबाव बढ़ गया है.कप्तान अक्षर पटेल से भी उम्मीद की जा रही है कि वह बल्ले और रणनीति दाेनाें में अधिक जिम्मेदारी निभाएं.पिछले मैच में उनके कुछ निर्णयाें पर भी सवाल उठे हैं, खासकर गेंदबाजी बदलावाें काे लेकर.विस्फाेटक अभिषेक शर्मा के खिलाफ उन्हाेंने कामचलाऊ गेंदबाज नितीश राणा काे लगातार इस्तेमाल किया, जाे असरदार साबित नहीं हुआ. दिल्ली का क्षेत्ररक्षण भी चिंता का विषय रहा है.टीम ने कुछ मैचाें में स्टंपिंग के माैके गंवाए, रन-आउट में गलतियां कीं और आसान कैच छाेड़े, जिसका उसे काफी नुकसान हुआ है.बल्लेबाजाें की तुलना में गेंदबाजी इकाई अपेक्षाकृत बेहतर रही है, लेकिन शानदार लय में चल रहे पंजाब के बल्लेबाजाें पर दबाव बनाने के लिए उसमें अधिक आक्रामकता की जरूरत है.