छाेटे एवं मध्यम उद्याेगाें काे बढ़ावा देने बैंक सहयाेग करें

    25-Apr-2026
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छाेटे एवं मध्यम उद्याेगाें काे बढ़ावा देने के लिए बैंक सहयाेग करें. यह प्रतिपादन शुक्रवार काे वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने किया. वे खराड़ी में स्टेट बैंक के अत्याधुनिक स्थानीय मुख्यालय का उद्घाटन कर रही थीं. उन्हाेंने लाेगाें से आह्वान करते हुए कहा-पुराने उद्याेगाें काे ुनर्जीवित करना समय की मांग है.सीतारमण ने कहा- दुनिया में उथलपुथल मचा हुआ है. टैरिफ जंग के बीच भी भारतीय अर्थव्यवस्था काफी मजबूत है. उन्हाेंने कहा- चुनाैतियाें के बीच हमारे निर्यातक उद्याेगपति दुनिया में नए बाजार खाेजकर विकास में बढ़चढ़ कर सहयाेग कर रहे हैं. उन्हाेंने बैंक अधिकारियाें से कहा कि वे स्थानीय अर्थव्यवस्था पर फाेकस करें. विकास की रफ्तार काे बनाए रखने में अपना विशेष याेगदान दें.
 
पुणे में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के स्थानीय मुख्यालय, महाराष्ट्र सर्कल के नए परिसर का उद्घाटन करने के बाद वित्तमंत्री ने कहा कि अगर हम व्यापक भारतीय अर्थव्यवस्था पर नजर डालें, ताे इसका विशाल घरेलू स्वरूप और मजबूत आंतरिक उपभाेग बड़े बैंकाें की आवश्यकता काे जन्म देता है. यह घरेलू मांग स्वयं ही विकास काे बनाए रखने में सक्षम है, जाे विश्व में सबसे तेज गति से विकास करने वाले देशाें में से एक है. मैं फिर से दाेहराती हूं, घरेलू खपत और घरेलू अर्थव्यवस्था की अच्छी प्रगति ने हमारा साथ दिया है. ैश्विक बाजाराें में उथल-पुथल के बावजूद हमारे निर्यात प्रभावित हाे रहे हैं.
 
लेकिन हमारे निर्यातकाें की सराहना करनी हाेगी कि वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण उत्पन्न सभी टैरिफ और अन्य चुनाैतियाें के बावजूद, वे अपनी सूझबूझ से नए बाजार खाेज रहे हैं और अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं. निर्यात इसलिए ठीक चल रहा है, क्याेंकि वे नए बाजार खाेजने और अपनी वृद्धि काे बनाए रखने में सक्षम हैं, उन्हाेंने कहा. उपभाेग की कहानी मंत्री जी ने आगे कहा, लेकिन जब आप भारत के आकार और उसकी आकांक्षाओं काे देखते हैं, ताे यह समझना हमारे लिए महत्वपूर्ण है कि भारतीय उपभाेग काे बनाए रखना हाेगा.
 
भारतीय आर्थिक विकास घरेलू गतिविधियाें जैसे कि कृषि पर आधारित है, जिससे उत्पाद विदेशाें में भेजे जा सकते हैं, लेकिन इसके सुचारू रूप से बढ़ने के लिए घरेलू कृषि विकास काे दिया जाने वाला समर्थन एक बहुत महत्वपूर्ण है. विनिर्माण और सेवाओं के लिए भी यही बात लागू हाेती है. इसलिए जब तक हमारे घरेलू विनिर्माण, कृषि विकास, पर्यटन, आईटी और संबंधित सेवा क्षेत्राें काे निरंतर और अनुमानित समर्थन नहीं दिया जाता, तब तक भारत के विकास की गति काे बनाए रखना मुश्किल हाेगा और इसमें बैंकाें की बहुत बड़ी भूमिका है. उन्हाेंने बैंक अधिकारियाें से स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं की गहरी समझ विकसित करने का आग्रह किया. उन्हाेंने महाराष्ट्र भर में, विशेषकर पूर्वी क्षेत्राें में, लघु एवं मध्यम उद्यमाें (एमएसएमई) काे समर्थन देने और पुराने औद्याेगिक समूहाें काे पुनर्जीवित करने पर बल दिया.