तलेगाव/पारवाड़ी, 25 अप्रैल (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) जैन साध्वी और ‘वीरायतन’ संस्था की संस्थापक, पद्मश्री आचार्य श्री चंदनाजी (ताई मां, उम्र 89 वर्ष) ने बुधवार (22 अप्रैल) को सुबह 10:50 बजे पुणे में देवलोकगमन हुआ. पू. चंदनाजी म. सा. के अंतिम दर्शन हेतु उनकी पार्थिव देह शुक्रवार (24 अप्रैल) को सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2.30 बजे तक वर्धमान प्रतिष्ठान, सेनापति बापट रोड, पुणे में रखा गया था. उनकी अंतिम विदाई (अंत्येष्टि संस्कार) शुक्रवार (24 अप्रैल) को शाम 5 बजे अभय प्रभावना, गांव पारवाड़ी, तालुका मावल, जिला पुणे (महाराष्ट्र) में राजकीय सम्मान के साथ हो गयी. शुक्रवार (24 अप्रैल) को पुणे में उनके पार्थिव शरीर को शिवाजीनगर, सेनापती बापट मार्ग पर के वर्धमान प्रतिष्ठान रोड पर दर्शन के लिए रखा गया था. इस अवसर पर आचार्य डॉ. लोकेश मुनी, साध्वी जय स्मीताजी, डॉ. प्रतिभाश्रीजी, डॉ. प्रसंशाश्रीजी के साथ अन्य साधु-साध्वी गण ने उनके अंतिम दर्शन लिए. इस अवसर पर साध्वी उपाध्याय यशाजी म. सा. और शीलापीजी म. सा. ने महामांगलिक का पठन किया. इस अवसर पर ‘अभय प्रभावन’ के संस्थापक उद्यमी अभय फिरोदिया, शांतिलाल मुथा, जयंत शाह, सुरेश जैन (जलगांव), विलास राठौड़, विजयकांत कोठारी, जितू तातेड, अनिल नहार, पोपटलाल ओस्तवाल, अचल जैन, प्रवीण चोरबेले, राजकुमार और मधुबाला चोरड़िया, सूर्यदत्ता के संजय चोरड़िया और सुषमा चोरड़िया, राजश्री पारेख, विमल बाफना के साथ जैन समाज के अन्य समाजगण उपस्थित थे.इस अवसर पर पुणे की मेअर मनीषा नागपुरे, विधायक सिद्धार्थ शिरोले, नगरसेविका मनीषा चोरबेले, नगरसेविका सपना आंनद छाजेड़ ने भी आचार्य चंदनाजी को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके अंतिम दर्शन किये.शुक्रवार (24 अप्रैल) को शाम 5 बजे वड़गांव मावल के अभय प्रभावना में राजकीय सम्मान के साथ आचार्य चंदनाजी पर अंतिम संस्कार किये गये. इस अवसर पर पूरे इलाके में शोक छा गया. बहुत ही भावुक माहौल में अंतिम संस्कार किया गया.