निजी स्वार्थ के लिए राजनीतिक पार्टियां बदलना सही नहीं : हजारे

    26-Apr-2026
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Hazare 
 
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने शनिवार काे राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा की आप से अलग हाेकर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हाेने के कदम की आलाेचना की. उन्हाेंने कहा कि निजी स्वार्थ के लिए इस तरह से राजनीतिक दल बदलना सही नहीं है और यह संवैधानिक मूल्याें के अनुरूप भी नहीं है.उन्हाेंने इस बात पर ज़ाेर दिया कि चुने हुए प्रतिनिधियाें काे संविधान की भावना के दायरे में रहकर काम करना चाहिए और निजी लाभ से प्रेरित हाेकर फैसले लेने से बचना चाहिए; उन्हाेंने लाेकतांत्रिक नैतिकता काे बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया. हजारे ने कहा, एक पार्टी छाेड़कर दूसरी पार्टी में शामिल हाेना सही नहीं है. अपनी स्वार्थी ज़रूरताें के लिए राजनीतिक दल बदलना सही बात नहीं हहमारे संविधान में इसका ज़िक्र नहीं है. हमारा संविधान सर्वाे च्च है. हमारा देश संविधान के आधार पर ही चलता है.
 
हजारे 2011 के अपने भ्रष्टाचार-विराेधी आंदाेलन के ज़रिए आम आदमी पार्टी के गठन में मुख्य चेहरा और वैचारिक मार्गदर्शक थे, हालाँकि बाद में मुख्यधारा की राजनीति में उतरने के कारण उन्हाेंने अरविंद केजरीवाल से दूरी बना ली थी. हजारे की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब राजनीतिक गलियाराें में हलचल मची हुई है. शुक्रवार काे तीन सांसदाें राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशाेक मित्तल ने आम आदमी पार्टी से अलग हाेने की घाेषणा की और बाद में पार्टी प्रमुख नितिन नबीन की माैजूदगी में बीजेपी में शामिल हाे गए; नितिन नबीन ने बाद में इस फैसले का स्वागत किया.