अमेरिका और ईरान के बीच सीधे संवाद की संभावना एक बार फिर क्षीण हाेती नजर आ रही है. हालांकि दाेनाें देश अप्रत्यक्ष माध्यमाें से संपर्क साधने की काेशिश कर रहे हैं, जिसमें पाकिस्तान एक प्रमुख मध्यस्थ की भूमिका निभा सकता है.यह स्थिति एक ऐसे समय में आई है, जब दाेनाें देशाें के बीच तनाव और अविश्वास गहरा बना हुआ है. वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची इस्लामाबाद के दाैरे पर थे, जहां उन्हाेंने पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ से मुलाकात की और फिर ईरानी प्रतिनिधिमंडल वापस लाैट गया. इस बैठक के बाद ईरान ने अमेरिका के साथ सीधी वार्ता से इनकार कर दिया. ईरान ने कहा कि जब तक अमेरिकी नाकाबंदी खत्म नहीं हाे जाती, अमेरिका के साथ काेई सीधी बातचीत नहीं हाेगी. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि ईरान और अमेरिका के बीच किसी सीधी बैठक की याेजना नहीं है और ईरान की शर्तें पाकिस्तान काे बता दी गई हैं.
सीधी वार्ता के बजाय दाेनाें पक्ष पाकिस्तानी मध्यस्थाें के माध्यम से संवाद कर सकते हैं. ईरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह भी कहा कि ट्रंप की अकड़ और धमकी डील में बड़ी बाधा है. हमारा न्यू्निलयर प्राेग्राम जारी रहेगा.हम हर चुनाैती से निपटने के लिए तैयार हैं. वहीं ईरान के सरकारी ब्राॅडकास्टर आईआरआईबी ने कहा कि विदेश मंत्री अब्बास अरागची की पाकिस्तान में अमेरिका से मिलने की काेई याेजना नहीं है. आईआरआईबी ने कहा कि पाकिस्तान एक ब्रिज की भूमिका निभा सकता है.ट्रंप ने ईरानी नेताओं की हत्या का किया समर्थन : अमेरिका के राष्ट्रपति डाेनाल्ड ट्रंप ने उनके देश के साथ समझाैते के पक्ष में न हाेने वाले ईरानी नेताओं की हत्या का समर्थन किया है. वाशिंगटन पाेस्ट के स्तंभकार मार्क थीसेन ने ए्नस पर एक संदेश पाेस्ट किया है, जिसमें कहा गया है कि जाे ईरानी नेता अमेरिका के साथ समझाैते के पक्ष में नहीं है, उसकी हत्या कर दी जाएगी. बाद में ट्रंप ने इस संदेश काे ट्रूथ साेशल पर साझा किया.