सत्ताधारी विधायक और नगरसेवकाें के दबाव के कारण रुकी हुई रेडी मिक्स कंक्रीट (आरएमसी) परियाेजनाओं पर कार्रवाई फिर से शुरू हाेगी, ऐसा मनपा आयुक्त सहित निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी बार- बार कहते हैं. लेकिन इस कार्रवाई के लिए अभी तक काेई मुहूर्त नहीं मिल पा रहा है. इससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या राजनीतिक लाेगाें के फायदे के लिए मनपा निवासी नागरिकाें के स्वास्थ्य काे खतरे में डाल रही है.नागरिकाें के स्वास्थ्य और पर्यावरण पर असर डालने वाले आरएमसी परियाेजनाओं के उपद्रव पर प्रकाशित समाचार श्रृंखला के बाद मनपा ने लाेहगांव-खांदवे नगर क्षेत्र में सात आरएमसी परियाेजनाओं काे ध्वस्त किया.
इस कार्रवाई के दाैरान एक भाजपा नगरसेविका के पति ने बाधा डालने की काेशिश की, जिसके चलते प्रशासन ने उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.
किसी भी दबाव में न आते हुए आरएमसी परियाेजनाओं पर कार्रवाई की जाएगी, ऐसा प्रशासन ने इस अवसर पर चेतावनी दी.साथ ही शहर के अन्य क्षेत्राें में भी इसी तरह की प्रभावी कार्रवाई की जाएगी, ऐसा भी घाेषित किया गया.इस कार्रवाई के दाे दिन बाद, यानी 17 अप्रैल काे सुबह तड़के वडगांव खुर्द क्षेत्र में नदी किनारे और आसपास स्थित आरएमसी परियाेजनाओं पर कार्रवाई करने की याेजना बनाई गई थी. लेकिन निर्माण विभाग के एक अधिकारी ने इस कार्रवाई की जानकारी आरएमसी परियाेजना मालिकाें और संचालकाें काे दे दी.जिन परियाेजनाओं पर कार्रवाई हाेनी थी, उनमें से एक परियाेजना शहर के एक विधायक के बेटे की और एक परियाेजना एक नगरसेविका की थी, जिसके कारण स्थिति बदल गई.
संबंधित नेताओं ने अपने पद का उपयाेग करते हुए प्रशासन पर दबाव बनाया. इस राजनीतिक दबाव के आगे झुकते हुए प्रशासन ने तड़के हाेने वाली कार्रवाई अचानक रद्द कर दी.इस संबंध में समाचार प्रकाशित हाेने के बाद मनपा आयुक्त और निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी बार-बार कह रहे हैं कि परियाेजनाओं पर कार्रवाई फिर से शुरू की जाएगी और उसका नियाेजन किया जा रहा है. लेकिन अभी तक इस कार्रवाई के लिए काेई ठाेस कदम नहीं उठाया गया है.क्या प्रशासन काे केवल लाेहगांव-खांदवे नगर क्षेत्र का ही प्रदूषण दिखाई देता है. क्या वडगांव खुर्द और शहर के अन्य हिस्साें में प्रदूषण और नागरिकाें का विराेध दिखाई नहीं देता. क्या राजनीतिक लाेगाें के लाभ के लिए मनपा नागरिकाें के स्वास्थ्य काे खतरे में डाल रही है, ऐसे सवाल उठ रहे हैं.