पीएमपीएमएल की बस खरीद प्रक्रिया विवादाें में

    29-Apr-2026
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पीएमपीएमएल की बस खरीद प्रक्रिया में अनियमितता हाेने का आराेप लगाते हुए तत्कालीन सीएमडी के कार्यकाल की जांच कर संबंधिताें पर कार्रवाई करने की मांग की गई है. पूर्व विराेधी पक्षनेता उज्ज्वल केसकर, सुहास कुलकर्णी और पूर्व नगरसेवक प्रशांत बधे ने इस संबंध में महापाैर, स्थायी समिति अध्यक्ष और पीएमपी संचालकाें काे ज्ञापन दिया है.ज्ञापन में कहा गया है कि पीएमपी पुणे मनपा और पिंपरीचिंचवड़ मनपा की आर्थिक सहायता पर निर्भर है और टेंडर प्रक्रिया पारदर्शी व कानूनी हाेना आवश्यक है. हालांकि, तत्कालीन सीएमडी द्वारा टेंडर की शर्ताें में बदलाव करने का आराेप लगाया गया है.30 जुलाई 2025 काे 1000 बसाें की खरीद के लिए पात्र निविदाधारकाें के ‘बी’ लिफाफे खाेले गए थे. इसमें टाटा माेटर्स की दर लगभग 50 लाख रुपये, जबकि अशाेक लेलैंड की दर लगभग 56.70 लाख रुपये थे.
 
दर अधिक हाेने के बावजूद अशाेक लेलैंड काे 60 प्रतिशत यानी 600 बसें देने का प्रयास किए जाने का आराेप है.इसके लिए आवश्यक आईटीएमएस प्रणाली काे रद्द कर बंद लिफाफे मंगाए गए. आईटीएमएस के बिना बस पासिंग संभव नहीं हाेने के बावजूद यह निर्णय लेने पर संदेह जताया गया है. साथ ही 14 अगस्त 2025काे सीएमडी द्वारा आईटीएमएस रद्द करने का निर्णय लिया गया था, ऐसा भी बताया गया.इस बीच केंद्र सरकार ने जीएसटी दर 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिए. नए सीएमडी ने दाेनाें कंपनियाें से आईटीएमएस सहित दर मंगाकर वस्तुनिष्ठ रिपाेर्ट संचालक मंडल के सामने प्रस्तुत की है. अशाेक लेलैंड काे लेटर ऑफ अवाॅर्ड और खरीद आदेश दिया गया, जबकि टाटा माेटर्स काे केवल लेटर ऑफ अवाॅर्ड देकर खरीद आदेश नहीं दिए जाने का मुद्दा भी उठाया गया. 1000 बसाें काे तत्काल आईटीएमएस सहित बेड़े में शामिल करने और पुनः टेंडर निकालने पर आर्थिक नुकसान हाेने की बात ज्ञापन में कही गई है. साथ ही पूरे मामले की जांच कर शासन काे रिपाेर्ट प्रस्तुत करने की मांग की गई है.