इनाेवेशन व शाेध की शिक्षा से विकसित भारत बनेगा

    29-Apr-2026
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एसाेसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज़ (एआईयू) के वाइस-चांसलराें की 100वीं वार्षिक महासभा और राष्ट्रीय परिषद का उद्घाटन मंगलवार (28 अप्रैल) काे डाॅ.डी. वाई. पाटिल यूनिवर्सिटी, पिंपरी, पुणे में राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने किया.तीन दिवसीय इस सम्मेलन का विषय है, ‘ज्ञान और अभिनव अनुसंधान के माध्यम से एक आत्मनिर्भर भारत काे आकार देना.’ 28 से 30 अप्रैल तक आयाेजित हाे रहे भारतीय विद्यापीठ संघ (एआईयू) के इस शताब्दी सम्मेलन के लिए देश भर से 300 से अधिक कुलपति, शिक्षाविद् , अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधि और नीति निर्माता एक साथ आए हैं. डाॅ डी. वाई. पाटिल यूनिवर्सिटी, पिंपरी ने प्रत्येक कुलपति और अतिथियाें का पारंपरिक स्वागत किया.
 
इस अवसर पर डाॅ. भाग्यश्री पी.पाटिल, प्र-कुलपति, डाॅ डी. वाई. पाटिल यूनिवर्सिटी, पिंपरी, पुणे एवं अध्यक्ष, ज्ञान प्रसाद ग्लाेबल यूनिवर्सिटी, पुणे, डाॅ. साेमनाथ पी. पाटिल, प्र-कुलपति, ज्ञान प्रसाद ग्लाेबल यूनिवर्सिटी, पुणे एवं सचिव, डाॅ डी. वाई. पाटिल यूनिटेक साेसायटी, पुणे, डाॅ. स्मिता जाधव, प्र-कुलपति, डाॅ. डी. वाई. पाटिल यूनिवर्सिटी, पिंपरी, पुणे एवं सचिव, डाॅ.डी. वाई. पाटिल यूनिवर्सिटी साेसायटी, पुणे, डाॅ. यशराज पी. पाटिल, ट्रस्टी और काेषाध्यक्ष, डाॅ. डी. वाई. पाटिल यूनिवर्सिटी साेसायटी, पुणे माैजूद थे.इस माैके पर डाॅ. पी. डी. पाटिल, कुलपति, डाॅ. डी. वाई. पाटिल यूनिवर्सिटी, पिंपरी, पुणे, इंडियन यूनिवर्सिटीज़ एसाेसिएशन के अध्यक्ष और कानपुर यूनिवर्सिटी के कुलपति, प्राे. विनय कुमार पाठक, महासचिव एवं सदस्य सचिव, डाॅ. पंकज मित्तल, डाॅ.डी. वाई. पाटिल यूनिवर्सिटी के कुलपति प्राे. डाॅ. एन. जे. पवार और देश की अलग-अलग यूनिवर्सिटीज़ के कुलपति और शिक्षाविद् माैजूद थे.
 
इस समय राज्यपाल ने ‘यूनिवर्सिटी न्यूज़’ के विशेष संस्करण, ‘एसाेसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज़ : ए सेंचुरी ऑफ इवाेल्यूशन, ट्रांसफाॅर्मेशन एंड लीडरशिप और ट्रांसफाॅर्मेटिव हायर एजुकेशन-2047’ किताबाें का विमाेचन किया.कार्यक्रम में डाॅ. पी. डी. पाटिल ने कहा, आज शिक्षा से सिर्फ ज्ञान ही नहीं मिलना चाहिए, बल्कि छात्र में नैतिक मूल्य और ज़िम्मेदारी की भावना भी आनी चाहिए. चरित्र और ईमानदारी ी खरी गुणवत्ता की पहचान हैं. परंपरा और आधुनिक तकनीक के बीच संतुलन बनाकर ही हम देश काे आगे ले जा सकते हैं. उन्हाेंने आगे यह विश्वास जताया कि यह सम्मेलन भारतीय मूल्याें पर आधारित और ग्लाेबल बदलावाें के हिसाब से उच्च शिक्षा के लिए एक नई दिशा तय करेगा.