नासिक, 28 अप्रैल (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) पत्रकारिता सिर्फ वार्ता संकलन का माध्यम ही नहीं बल्कि समाज जागृति का एक प्रभावी शस्त्र है. इस तरह का प्रतिपादन लोकमान्य मल्टीपर्पज को- ऑप सोसायटी के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. किरण ठाकुर ने किया. पत्रकारिता क्षेत्र के नैतिक मूल्यों को संजोये रखने वाले ‘तरुण भारत’ के सलाहकार संपादक एवं लोकमान्य मल्टीपर्पज को-ऑप सोसायटी के संस्थापक अध्यक्ष डॉ.किरण ठाकुर को नासिक के सार्वजनिक पुस्तकालय की ओर से दिया जाने वाला अत्यंत प्रतिष्ठा का ‘दर्पणकार’ बालशास्त्री जांभेकर पत्रकारिता पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया. भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के अध्यक्ष डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे के हाथों एवं वरिष्ठ साहित्यिक प्रो.दिलीप फड़के की अध्यक्षता में भव्य समारोह संपन्न हुआ. डॉ. ठाकुर द्वारा प्रादेशिक पत्रकारिता क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान एवं संपादकीय दौर के समाजाभिमुख्य लेखों की इस समय मान्यवरों ने भूरि-भूरि सराहना की. पुरस्कार प्राप्त करने के बाद अपने वक्तव्य में डॉ. किरण ठाकुर ने अपने पत्रकारिता क्षेत्र की स्पष्ट भूमिका प्रस्तुत की. पत्रकारिता सिर्फ वार्ता संकलन का माध्यम ही नहीं बल्कि समाज जागृति का एक प्रभावी शस्त्र है, उन्होंने इस बात पर जोर दिया. साथ ही सेवाभाव और अभ्यासपूर्ण लेखन की परंपरा आगे ले जाने का संकल्प के बारे में उन्होंने अपने विचार व्यक्त किये. डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे ने डॉ. ठाकुर के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सकारात्मकता की रेखा जितनी बड़ी की जाए, उतनी नकारात्मकता कम होगी, यह डॉ. ठाकुर ने अपने कार्यों के माध्यम से साबित कर दिखाया है. इस समारोह में सामाजिक और पत्रकारिता क्षेत्र के कई मान्यवर उपस्थित थे.