भगवान सूर्य काे समर्पित यह मंदिर 13वीं शताब्दी का एक वास्तुशिल्प चमत्कार है, जाे उड़िया शैली की वास्तुकला का एक शानदार उदाहरण है. मंदिर का निर्माण कार्य गंगा राजवंश के राजा नरसिंहदेव प्रथम ने करवाया था. मंदिर की बनावट एक विशाल रथ जैसी है, जिसमें खूबसूरत न्नकाशीदार पत्थर के पहिये, खंभे और दीवारें बनी हैं. मंदिर यूनेस्काे की विश्व घराेहर स्थल है.