दुनिया में युद्ध यानी हमारे पागलपन का निकास

    03-Apr-2026
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Osho 
 
यह आदमी जरूर बहुत दुःखी रहा हाेगा. इसके दुःख का अंत न हाेगा. इसके भीतर नर्क ही रहा हाेगा, तभी ताे इसे खुशी मिल सकी. जब हिंदुस्तान से वापस लाैटा, बीच के एक गांव में रूका. कुछ वेश्याएं, रात काे उसके दरबार में नाचने आयीं. आधी रात में, दाे बजे जब वेश्याएं लाैटने लगीं ताे उन्हाेंने कहा, हमें डर लगता है, रास्ते में अंधेरा है. चंगेज ने कहा अपने सैनिकाें काे, रास्ते में जितने गांव पड़ते हैं, सबमें आग लगा दाे ताकि इन वेश्याओं काे याद रहे कि चंगेज के दरबार में नाचने गयी थीं ताे आधी रात में भी उसने दिन करवा दिया. सारे गांव में आग लगा दी गई, काेई बीस गांव जला दिए गए. उसमें साेए लाेग वहां जल गए. लेकिन वेश्याओं के रास्ते पर प्रकाश कर दिया.
 
यह आदमी जरूर भीतर गहरे नर्क मेें रहा हाेगा. चंगेज साे नहीं सकता था. हिटलर भी नहीं साे सकता था, स्टेलिन भी नहीं साे सकता था.भीतर एक गहरी पीड़ा रही हाेगी, कितना गहरा दुःख हाेगा कि दूसरे दुःख का दुख ताे अनुभव नहीं हाेगा, बल्कि दूसरे काे दुःख देने में एक खुशी अनुभव हुई. हम सारे लाेग दुःखी हैं. अगर आप दुःखी हैं, ताे आप स्मरण रखिए, आपका हाथ युद्ध में है. अगर आप दुःखी हैं ताे आप युद्ध की आकांक्षा कर रहे हैं. अगर आप दुःखी है ताे आप दूसराें के लिए दुःख पैदा कर रहे हैं. हम सारे लाेग मिलकर दुःख पैदा कर रहे हैं-सामूहिक रूप से, व्यक्तिगत रूप से, राष्ट्राें के रूप से. और से. और जब सारी दुनिया बहुत दुःख से भर जाती है, दस-पंद्रह वर्ष में, दुःख के सिवाय हमारे दुःख के रिलीफ का निकास का काेई रास्ता नहीं रह जाता.
 
युद्ध राजनैतिक घटना-मात्र नहीं हैं, हमारे पूरे मानसिक नर्क का निकास है, रिलीफ है. जब भीतर बहुत पीड़ा इकट्ठी हाे जाती है, एक दुःख सारी दुनिया में हम पैदा कर देते हैं, पागलपन पैदा कर देते हैं. दस-पंद्रह वर्ष के लिए िफर एक हल्की शांति छा जाती है. दस-प्रंद्रह वर्ष में हम िफर इकट्ठा कर लेते हैं.अगर काेई व्यक्ति इस बात के लिए उत्सुक है कि दुनिया में शांति हाे और युद्ध न हाे, हिंसा न हाे ताे सबसे पहले उसे इस बात पर विचार करना हाेगा कि उसके स्वयं के जीवन में दुःख न हाे. यह पहली बात है जाे मैं आपसे निवेदन करना चाहता हूं. अगर आप प्रुल्लित और आनंदित हैं ताे आप युद्ध के खिलाफ काम कर रहे हैं. आप एक ऐसी दुनिया के बनाने के काम में लगे हुए हैं, जहां युद्ध नहीं हाे सकेंगे.