रैली में संविधान का जिक्र करते हुए राहुल गांधी जमकर बरसेलाेकसभा विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी चुनाव प्रचार के लिए असम पहुंचे थे. इस दाैरान उन्हाेंने कार्बी आंगलाेंग में एक चुनावी रैली काे संबाेधित किया.राहुल गांधी ने कहा, असम फूलाें का एक गुलदस्ता है, जिसमें अलग-अलग धर्म, जाति और विचारधाराओं के लाेग साथ रहते हैं. उन्हाेंने कहा कांग्रेस की साेच है, हिंदुस्तान की जनता के हाथ में असली ताकत हाे, देश काे चलाने में हर वर्ग काे भागीदारी मिले.दूसरी तरफ भाजपा की विचारधारा है कि असम काे दिल्ली से चलाया जाए. राहुल के अनुसार, यही लड़ाई चल रही है.उन्हाेंने आराेप लगाया कि आपकी जमीन छीनकर अडानी काे अंबानी और पतंजलि बीघा जमीन दे दी गई. हजाराें बीघा जमीन दूसरी बड़ी कंपनियाें काे भी मिली है.आपकाे यह समझना हाेगा कि आखिर ऐसा क्याें हाे रहा है.
कुछ दिन पहले नरेंद्र माेदी ने भारत और अमेरिकके बीच एक समझाैते पर दस्तखत किए. आप साेच रहे हाेंगे कि मैं यहां इसकी बात क्याें कर रहा हूं्. आपकाे यह समझना हाेगा कि दबाव कहां से आ रहा है. उस समझाैते में भारत की खेती-किसानी के रास्ते इस तरह खाेले गए हैं, जिसका बुरा असर हमारे किसानाें पर पड़ रहा है.उन्हाेंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, आज अगर भारत रूस, ईरान या इराक जैसे देशाें से तेल खरीदना चाहता है, ताे उसे डाेनाल्ड ट्रंप और अमेरिका से इजाजत लेनी पड़ती है. हम बिना पूछे तेल नहीं खरीद सकते. नरेंद्र माेदी ने भारत का डेटा डाेनाल्ड ट्रंप काे साैंप दिया है.अब वे अपनी मर्जी से इस डेटा का इस्तेमाल कर सकते हैं या इसे जमा रख सकते हैं.उन्हाेंने यह भी कहा कि माेदी ने वादा किया है कि भारत हर साल अमेरिकी कंपनियाें से 9 लाख कराेड़ रुपये का सामान खरीदेगा. इससे हमारे छाेटे काराेबाराें और उद्याेगाें काे भारी नुकसान हाेगा. भारत ने अमेरिका काे बहुत कुछ दिया है.