सुधार के नाम पर धर्म काे खाेखला कतई नहीं कर सकते: सुप्रीम काेर्ट

    30-Apr-2026
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SC 
 
केरलम के सबरीमाला मंदिर सहित अन्य धार्मिक स्थलाें में महिलाओं के साथ हाेने वाले भेदभाव से जुड़ी याचिकाओं पर सुप्रीम काेर्ट में बुधवार काे भी सुनवाई हुई. काेर्ट ने एडवाेकेट इंदिरा जयसिंह की दलीलाें के जवाब में कहा कि सामाजिक सुधार के नाम पर धर्म काे कतई खाेखला नहीं किया जा सकता. एडवाेकेट जयसिंह ने सुनवाई के 10वें दिन कहा कि सबरीमाला मंदिर में एंट्री का फैसला अब भी लागू है.इस पर स्टे नहीं है, लेकिन मंदिर में प्रवेश नहीं मिल रहा है. जयसिंह ने कहा कि सुप्रीम काेर्ट इसकी रिव्यू पिटिशन पर सुनवाई कर रहा है. हालांकि, काेर्ट कभी यह तय नहीं करता कि धर्म में क्या जरूरी है या और क्या नहीं. इसका फैसला ताे धर्म ही करता है. इस पर जस्टिस बीवी नागरत्ना ने कहा कि हम इस भूमि के सभ्यता के विकास और धार्मिक इतिहास काे नजरअंदाज नहीं कर सकते. इसी बैकग्राउंड से संविधान के आर्टकिल 25 और 26 आए हैं. संविधान और बाकी सब ठीक है लेकिन हमें इतिहास नहीं भूलना चाहिए.