वरिष्ठ पत्रकार मृणालिनी ढवले का निधन

    30-Apr-2026
Total Views |

bgbhg


पुणे, 29 अप्रैल (आ. प्र.) ‌

‘केसरी‌’ की रिटायर्ड चीफ डिप्टी एडिटर मृणालिनी ढवले (उम्र 92 वर्ष) का मंगलवार (28 अप्रैल) को निधन हो गया. उनका अंतिम संस्कार बुधवार (29 अप्रैल) को सुबह वैकुंठ श्मशान घाट पर किया गया है. मृणालिनी धवले ने लंबे समय तक ‌‘केसरी‌’ के लिए काम किया. लोकमान्य तिलक की पोते जयंतराव तिलक की पत्नी स्व. इंदुताई तिलक के साथ मिलकर उन्होंने ‌‘केसरी‌’ द्वारा बच्चों के लिए पब्लिश की गई ‌‘बाल सह्याद्री‌’ और बााद में ‌‘छावा‌’ की जिम्मेदारी अच्छे से संभाली थी. ढवले ने इंदुताई तिलक के साथ मिलकर केसरी पब्लिकेशन की किताब ‌‘लोकमान्यांच्या आठवणी‌’ को एडिट किया, जिसे एस. वी. बापट ने लिखा था. मृणालिनी ढवले ने शांताबाई तिलक पर ‌‘लोकमान्यांच्या सूनबाई‌’ और इंदुताई तिलक पर ‌‘कर्मयोगिनीद किताबें लिखीं. ‌‘दृष्टिआडची सृष्टि‌’, ‌‘अंतराल झेप‌’, ‌‘रेडियम‌’ और ‌‘विज्ञान देवाची कहाणी‌’ यह उनकी कुछ और किताबें हैं. उनकी नॉवेल ‌‘अंतराल झेप‌’ को नेहरू अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था. यह नॉवेल रूसी स्पेस हीरो यूरी गागारिन की जिंदगी पर आधारित है. ज्येष्ठ नेते स्व. जयंतराव तिलक की सलाह पर ढ़वले ने लेजिस्लेटिव काउंसिल की गोल्डन जुबली के मौके पर पब्लिश हुईं दो स्मरणिका भी एडिट की थीं. ढ़वले ने फर्ग्यूसन कॉलेज से बी. एस. सी. की डिग्री ली थी. उन्होंने पुणे यूनिवर्सिटी से फ्रेंच की पढ़ाई की और वह रानडे इंस्टीट्यूट में जर्नलिअम कोर्स के पहले बैच की स्टूडेंट थीं. मराठी भाषा संवर्धन प्रतिष्ठान ने उन्हें ‌‘माध्यम रत्न अवॉर्ड‌’ से सम्मानित किया था. 1982 में, पुणे शहर की रेपुटेशन बढ़ाने के लिए उन्हें तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से अवॉर्ड मिला था. डॉ. एस. एल. भैरप्पा के कन्नड़ नॉवेल का मराठी में ट्रांसलेशन करने के लिए उन्हें सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी ने खास तौर पर सम्मानित किया था. मृणालिनी ढवले, विजयाताई लावटे के ‌‘मानव्य‌’ संगठन की संस्थापक-ट्रस्टी थीं.