पुलिस ने पांच साल से बिछड़े बेटे काे मां-बाप से मिलाया

    30-Apr-2026
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कहते हैं देवभूमि उत्तराखंड के चमाेली जनपद स्थित हिमालय की पर्वत कंदराओं में नर और नारायण पर्वताें के मध्य स्थित बैकुंठ अर्थात भगवान श्री बदरी विशाल के दर से काेई खाली हाथ नहीं लाैटता, लेकिन इस बार भगवान ने किसी की मुराद पूरी करने के लिए ‘खाकी’ काे जरिया बनाया.माणा की बर्फीली पहाडियाें की ओर बढ़ते एक गुमनाम कदम, जाे पांच साल पहले राजस्थान की गलियाें से भटक गए थे, आखिरकार चमाेली पुलिस के प्रयासाें से अपने अपनाें के आगाेश में पहुंच गए.बीते दिनाें बदरीनाथ पुलिस काे सूचना मिली कि एक विक्षिप्त सा दिखने वाला व्यक्ति माणा गांव से ऊपर खतरनाक रास्ताें की ओर बढ़ रहा है.
 
अनहाेनी की आशंका काे देखते हुए पुलिस उसे सुरक्षित थाने ले आई.वह व्यक्ति अपनी पहचान बताने की स्थिति में नहीं था, लेकिन पुलिस और अभिसूचना इकाई की टीम ने जब धैर्य और मनाेवैज्ञानिक तरीके से बातचीत की, ताे ‘राजस्थान’ शब्द उभर कर आया. कड़ी से कड़ी जाेड़ते हुए टीम ने राजस्थान में उसके परिजनाें का सुराग ढूंढ निकाला. पांच साल से बेटे की राह देख रहे परिजनाें काे जब फाेन पहुंचा, ताे उन्हें यकीन ही नहीं हुआ कि जिसे वे मृत मान चुके थे, वह बद्रीनाथमें सुरक्षित है. जब राजस्थान से परिजन बदरीधाम पहुंचे, ताे दृश्य अत्यंत भावुक कर देने वाला था. बेटे काे जीवित देख माता-पिता की आंखाें से खुशी के आंसू छलक पड़े.