शहर में ईवी चार्जिंग परियाेजना विफल, कराेड़ाें खर्च के बाद भी कम रिस्पांस

    04-Apr-2026
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इलेक्ट्रिक वाहनाें काे प्राेत्साहन देने के लिए बड़े स्तर पर प्रचार कर स्थापित की गई ईवी चार्जिंग स्टेशन परियाेजना विफल हाेती दिखाई दे रही है. डेढ़ से दाे वर्षाें की अवधि में मनपा काे केवल 14 से 15 लाख रुपये का ही राजस्व प्राप्त हुआ है. कराेड़ाें रुपये खर्च कर स्थापित किए गए इन स्टेशनाें का नागरिकाें द्वारा अपेक्षित उपयाेग नहीं हाेने के कारण 40 से 80 स्टेशनाें तक विस्तार करने का निर्णय मनपा ने स्थगित कर दिया है.महाराष्ट्र इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2021 के अंतर्गत इस परियाेजना काे लागू करते समय मनपा द्वारा कई दावे किए गए थे. किन्तु वास्तविकता में स्टेशनाें के उपयाेग काे बढ़ाने के लिए काेई ठाेस याेजनानहीं बनाई गई, जिससे यह परियाेजना संकट में आ गई है. सार्वजनिक निजी भागीदारी के अंतर्गत स्थापित ये स्टेशन पूरे शहर में माैजूद हैं, किन्तु उनका उपयाेग अत्यंत कम है. मनपा ने अब तक 40 चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए हैं.
 
इस संख्या काे 82 और आगे 500 तक बढ़ाने की याेजना बनाई गई थी. किन्तु वर्तमान विफलता के बाद नए स्टेशन स्थापित करने पर प्रशासन ने ही राेक लगा दी है, जिससे प्रशासन की याेजनाहीन कार्यप्रणाली उजागर हुई है. वर्तमान स्टेशनाें की समीक्षा कर आगे का निर्णय लिया जाएगा, ऐसा कहा जा रहा है, किन्तु परियाेजना लागू करने से पहले ही उचित अध्ययन न करने का आराेप लगाया जा रहा है.चार्जिंग स्टेशन के लिए माेबाइल एप, क्यूआर काेड, पार्किंग जानकारी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, किन्तु उनका उपयाेग बढ़ाने में प्रशासन असफल रहा है. नागरिकाें के लिए 13 से 19 रुपये प्रति यूनिट दर निर्धारित किया गया है, फिर भी अपेक्षित रुचि दिखाई नहीं दे रही है. ईवी के प्रसार के लिए अलग प्रकाेष्ठ स्थापित कर 50 इलेक्ट्रिक वाहन किराए पर लिए गए हैं, किन्तु व्यापक स्तर पर यह प्रयाेग सफल नहीं हुआ है. कचरा संकलन के लिए ईवी के उपयाेग की याेजना भी केवल कागजाें तक सीमित हाेने की चर्चा है.