मिडिल-ईस्ट में युद्ध अब खतरनाक माेड़ पर पहुंच गई है. इजराइल ने शुक्रवार देर रात काे ईरान के पेट्राे केमिकल जाेन पर बम बरसाए.ईरान के खाड़ी में स्थित एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर यह पहला हमला हुआ है. इसके अलावा मिसाइल साइट और परमाणु प्लांट के पास भी धमाका किया, जहां म्यूजिक स्कूल भी चपेट में आ गया.इसके जवाब में ईरान ने अमेरिका के सबसे ताकतवर दाे लड़ाकू जेट मार गिराए, इससे ट्रंप के घमंड काे बड़ा झटका लगा. वहीं दूसरी ओर अमेरिका द्वारा दूसरे देशाें के माध्यम से भेजे गए 48 घंटे का सीजफायर का प्रस्ताव भी ईरान ने ठुकरा दिया है. ट्रंप ने अपनी साप्ताहिक छुट्टी रद्द की.युद्ध और गहराने के आसार बढ़ गए हैं. ईरान ने चेतावनी दी है कि वह सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और कतर ें तेल और गैस के प्रतिष्ठानाें पर हमले करेगा.
उसने सऊदी अरब के उस प्रांत पर हमले किए जिसमें कई तेल क्षेत्र माैजूद हैं. ईरान जंग के एक महीने बाद ट्रम्प ने 2 अप्रैल काे अमेरिकी जनता काे संबाेधित किया.19 मिनट के भाषण में उन्हाेंने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान की हवाई सेना काे तबाह कर दिया है और उनके पास जवाब देने की क्षमता नहीं बची है. ट्रम्प ने यह भी कहा कि अमेरिका का ईरान के आसमान पर कब्जा हाे चुका है. उनके विमान तेहरान के ऊपर उड़ रहे हैं और ईरान कुछ नहीं कर पा रहा है. विदेश मंत्री मार्काे रुबियाे ने भी ऐसे ही दावे किए.लेकिन हालात अब अलग कहानी बता रहे हैं. पिछले 24 घंटाें में अमेरिका के दाे सैन्य विमान और सर्च ऑपरेशन में लगे दाे ब्लैकहाॅक हेलीकाॅप्टर ईरान के हमले का शिकार हुए.इस बीच ईरान ने अमेरिका के 48 घंटे के सीजफायर ऑफर काे ठुकरा दिया है. ईरान की सेमी-ऑफिशियल फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, यह प्रपाेजल बुधवार काे एक तीसरे देश के जरिए तेहरान तकहै.