पुणे, 7 अप्रैल (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) दुनिया तेजी से बदल रही है. शिक्षा से मनुष्य के जीवन में बदलाव आता है. भविष्य भी ज्ञान, नैतिकता और अच्छे नेतृत्व का है. अच्छी शिक्षा प्राप्त करने से ही विकसित भारत का सपना पूरा हो सकेगा..यह विचार गोखले इंस्टीट्यूट ऑफ पॉलिटिक्स एंड इकोनॉमिक्स के वाइस चांसलर प्रो.उमाकांत दास ने व्यक्त किए. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) द्वारा मंगलवार (7 अप्रैल) को 39वां दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया. सुबह 11 बजे नई दिल्ली कैंपस में आयोजित समारोह में उपराष्ट्रपति सी.पी.राधाकृष्णन प्रमुख अतिथि के तौर पर उपस्थित थे. साथ ही दिल्ली के उप राज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और इग्नू की वाइस चांसलर उमा कांजीलाल उपस्थित थीं. पूरे भारत में 51 रीजनल सेंटर द्वारा समारोह का सीधा प्रसारण भी किया जाएगा और रीजनल सेंटर द्वारा समारोह का भी आयोजन किया गया था. पुणे में सुबह 11 बजे घोले रोड स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू सांस्कृतिक भवन और आर्ट गैलरी में समारोह का आयोजन किया गया था.समारोह में मंच पर पुणे के रीजनल डायरेक्टर डॉ. एन.आर. राजेंद्र प्रसाद उपस्थित थे. पोस्ट ग्रेजुएट, अंडर ग्रेजुएट, डिप्लोमा और डिग्री और सर्टिफिकेट कोर्स पूरा करनेवाले छात्र-छात्राओं को प्रो.उमाकांत दास के करकमलों से प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया. पुणे रीजनल सेंटर द्वारा 2296 छात्रों को प्रमाणपत्र दिए गए. मास्टर ऑफ आर्टस् इन अर्बन स्टडीज् में अजय महादेव सालवे को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया. प्रो.उमाकांत दास ने कहा कि, पुणे शहर को ऑक्सफोर्ड ऑफ ईस्ट के नाम से जाना जाता है. यह शहर बुद्धिजीवियों का शहर है. महात्मा जोतिराव फुले और सावित्रिबाई फुले इन जैसे शिक्षाविदों के कारण शिक्षा क्षेत्र में दूरदर्शी नेतृत्व प्राप्त हुआ है. इग्नू की डिग्री लेनेवाले सभी छात्र और छात्राओं का मैं अभिनंदन करता हूं. हर एक व्यक्ति को ज्ञान प्राप्त करने का अधिकार है. यही इच्छा आपको विकसित भारत की ओर ले जाएगी. कौशल आधारित शिक्षा देश की उन्नति के लिए महत्वपूर्ण है. आपने पुणे से इग्नू के माध्यम से अपना सपना पूरा किया है. यह खुशी का क्षण आपके जीवन में मील का पत्थर है. जीवन में सफलता पाने के लिए ज्ञान आवश्यक है. आपने अपनी विभिन्न जिम्मेदारी के साथ डिग्री हासिल की है, यह निश्चित ही गौरवान्वित है. अब देश के विकास के उद्देश्य से आपका योगदान भी महत्वपूर्ण है. यह विचार प्रो. उमाकांत दास ने व्यक्त किए. पुणे के रीजनल डायरेक्टर डॉ. एन.आर. राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि, इग्नू के स्टडी सेंटर द्वारा विभिन्न कोर्से स चलाए जाते हैं. अच्छी से अच्छी शिक्षा प्रदान करना यह इग्नू का कर्तव्य है. संपूर्ण भारत में 3 लाख से भी ज्यादा छात्रों को प्रमाणपत्र दिए जा रहे हैं. पुणे रीजनल सेंटर से 2296 छात्रों को प्रमाणपत्र दिए जा रहे है. पुणे रिजनल सेंटर के अधिकार क्षेत्र में नंदुरबार, धुले, जलगांव, छ. संभाजीनगर, नासिक, जालना, अहिल्यानगर, बीड, धाराशिव, पुणे, सातारा, सांगली और कोल्हापुर ये 13 जिलें शामिल हैं.