अरुणाचल में 1270 कराेड़ के टेंडर घाेटाले का पर्दाफाश !

    08-Apr-2026
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SC 
 
सीबीआई ने अरुणाचल में 1270 कराेड़ के टेंडर घाेटाले का पर्दाफाश किया है. सीएम पेमा खांडू के परिवार से जुड़ी कंपनियाें काे सरकारी ठेका देने का आराेप है.यह सनसनीखेज मामला सुप्रीम काेर्ट में पहुंचने के बाद जस्टिस विक्रमनाथ की बेंच ने मामले की गंभीरता काे देखते हुएयह जांच सीबीआई काे साैंप दी है. सुप्रीम काेर्ट ने साेमवार काे केंद्रीय अन्वेषण ब्यूराे (सीबीआई) काे निर्देश दिया कि अरुणाचल प्रदेश में सार्वजनिक कार्याें के ठेके मुख्यमंत्री पेमा खांडू के परिजन से जुड़ी कथित कंपनियाें काे दिए जाने के मामले में जांच करे.शीर्ष न्यायालय ने केंद्रीय एजेंसी काे 2सप्ताह के अंदर जांच शुरू करने के लिए कहा है. पीठ ने सीबीआई काे निर्देश दिया कि वह इस मामले में 16 सप्ताह में अपनी स्थिति रिपाेर्ट अदालत में दाखिल करे.
 
जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि आदेश के तहत राज्य में 1 जनवरी 2015 से 31 दिसंबर 2025 तक सार्वजनिक कार्याें, ठेकाें और कार्य आदेशाें के आवंटन और उनके कामाें की जांच की जाए. जस्टिस नाथ ने आदेश सुनाते हुए कहा, सीबीआई इस निर्णय की तारीख से दाे सप्ताह में प्रारंभिक जांच (पीई) दर्ज करेगी और कानून के अनुसार आगे बढ़ेगी.विस्तृत आदेश का इंतजार है. शीर्ष अदालत ने 17 फरवरी काे इस मामले ें अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.सुनवाई के दाैरान अदालत काे बताया गया कि पिछले 10 वर्ष में अरुणाचल प्रदेश में लगभग 1,270 कराेड़ रुपये के सरकारी ठेके और कार्य आदेश मुख्यमंत्री खांडू के परिजन से जुड़ी चार कंपनियाें काे दिए गए.
 
याचिकाकर्ता एनजीओ सेव माेन रीजन फेडरेशन और ‘वाॅलंटरी अरुणाचल सेना’ की ओर से पेश अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने राज्य सरकार द्वारा दायर हलफनामे का हवाला देते हुए दलील दी कि कई ठेके मुख्यमंत्री के परिवार के सदस्याें के स्वामित्व वाली कंपनियाें काे दिए गएराज्य की ओर से पेश वकील ने पहले दलील दी थी कि यह याचिका ‘प्रायाेजित मुकदमा’ है. पिछले साल दाे दिसंबर काे उच्चतम न्यायालय ने अरुणाचल प्रदेश सरकार काे मुख्यमंत्री के परिजन की कंपनियाें काे दिए गए ठेकाें समेत 2015 से 2025 तक दिए गए सभी ठेकाें के बारे में विस्तृत हलफनामा दाखिल करने काे कहा था. इस जनहित याचिका (पीआईएल) में पेमा खांडू काे पक्षकार बनाया गया है.
 
पेमा खांडू के पिता दाेरजी खांडू की दूसरी पत्नी रिंचिन ड्रेमा और उनके भतीजे त्सेरिंग ताशी काे भी मामले में पक्षकार बनाया गया है. सुप्रीम काेर्ट के आदेश के अनुसार, सीबीआई एक प्रारंभिक जांच दर्ज करेगी. इसमें नवंबर 2015 से 2025 तक के अवार्ड और उनके क्रियान्वयन काे शामिल किया जाएगा.राज्य सरकार एक सप्ताह के भीतर इस आदेश का पालन करेगी. सुप्रीम काेर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि सीबीआई नवंबर 2015 से 2025 तक के बीच हुए टेंडर और काॅन्ट्रैक्ट्स के आवंटन और उनके अमल में लाए जाने की प्राेसेस की जांच करेगी. इसके तहत खासताैर पर उन ठेकाें हिस्ट्री खंगाले जाएंगे, जिनकाे लेकर याचिका में आराेप लगाए गए हैं.