राजस्थानी कुमावत समाज का 11वां स्नेह सम्मेलन उत्साहपूर्वक संपन्न

सैकड़ों की संख्या में प्रवासी परिवारों की उपस्थिति रही : एकता और संस्कृति का दिया संदेश

    08-Apr-2026
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पिंपरी, 7 अप्रैल (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)

कुमावत समाज विकास मंडल, पुणे द्वारा आयोजित 11वां वार्षिक स्नेह सम्मेलन इस बार केवल एक सामाजिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रवासी राजस्थानी समाज की मजबूत एकजुटता और सांस्कृतिक पहचान का भव्य प्रदर्शन बन गया. मस्व. शंकर अण्णा गावडे स्मृति कामगार भवन परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में प्रवासी परिवारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया.‌‘म्हारो संस्कार, म्हारी पहचान‌’ के संकल्प के साथ आयोजित इस सम्मेलन में राजस्थान की लोकसंस्कृति, परंपराएं और पारिवारिक मूल्यों की झलक साफ दिखाई दी. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दांतारामगढ़ (सीकर) से भाजपा नेता गजानंद कुमावत, स्थानीय सांसद श्रीरंग आप्पा बारणे एवं विधायक शंकरभाऊ जगताप की गरिमामयी उपस्थिति रही. साथ ही प्रसिद्ध कथावाचक गोपाल कृष्णजी महाराज का पावन सानिध्य भी कार्यक्रम को विशेष बना गया. सम्मेलन के दौरान समाज के मेधावी विद्यार्थियों एवं वरिष्ठजनों का सम्मान किया गया, जिससे नई पीढ़ी को प्रेरणा मिली और समाज के वरिष्ठों के योगदान को सम्मानित किया गया. सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में राजस्थानी लोकनृत्य, लोकगीत और माहोली धमाल ने माहौल को पूरी तरह राजस्थानमय बना दिया.इस आयोजन में राजस्थान के दांतारामगढ़, पाटवा, पचार, मींडा बासी और गोपीनाथपुरा जैसे मूल स्थानों से आकर पुणे में बसे प्रवासी बंधुओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई.कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित रहने वालों में जगदीश प्रसाद मोड़ेला, रामचन्द्र (दांतारामगढ़), मूलचंद नेमीवाल, नेमीचंद पचार, कैलाश मारोठिया (दांतारामगढ़), गणेश सड़ी, किशोर कुमार, ताराचंद नेमचल, नाथूराम पटवा, मदनलाल (गोपीनाथपुरा) सहित सैकड़ों समाजजन सपरिवार शामिल हुए्‌‍. समाज के वरिष्ठ सदस्य मूलचंद कुमावत ने बताया कि ऐसे आयोजन समाज की एकता को मजबूत करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते ह्‌ैं‍. कुमावत समाज के अध्यक्ष जगदीश प्रसाद, उपाध्यक्ष रामावतार कुमावत, कोषाध्यक्ष ताराचंद कुमावत, रामचंद्र नेमीचंद, श्याम सुंदर भोदीवाल, नारायण लाल, घासूराम, नेमीचंद, लालचंद, गणेशराम, महेंद्र कुमार, नाथूलाल, मदनलाल, बीरबल, गंगाराम, सुभाषचंद, हीरालाल, संतोष कुमार, नारायण लाल, सुरेश, हेमराज, कालूराम, सुरेंद्र कुमार, मुन्नाराम, भंवरलाल, ललित कुमार (सांगली), मूलचंद (कोल्हापुर), श्रीराम (अहमदनगर), बाबूलाल, सर्वीर, तुलसीराम (सांगमनेर), रामनिवास (नासिक), एंकर रामानंद और जयप्रकाश (मुंबई), नवरंग लाल, सुनील कुमार, जोधराज मिंधा, चिरंजी लाल, राजकुमार, मनोज कुमार, सुनील कुमार, हेमंत, देवाराम कुमावत कार्यक्रम का समापन स्नेह महाप्रसाद के साथ हुआ, जहां सभी ने मिलकर सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश दिया.