पुणे, 8 अप्रैल (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) रीडेवलपमेंट करते समय, सभी जशरी कानूनों का पालन करते हुए सदस्यों के हितों की रक्षा की जानी चाहिए और साथ ही, इस बात का भी ध्यान रखा जाना चाहिए कि शहर की सुंदरता बनी रहे. यह विचार क्रेडाई इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट रणजीत नाईकनवरे ने व्यक्त किए. गृह हार्मनी रीडेवलपमेंट स्टेकहोल्डर्स फेडरेशन (जीआरएसएफ) और महाराष्ट्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (एमएनएलयू) द्वारा शहर के रियल एस्टेट सेक्टर को एक नई दिशा देने के लिए आयोजित रीडेवलपमेंट पर दो दिन के स्पेशल सर्टिफिकेट कोर्स शिविर में नाईकनवरे बोल रहे थे. पुणे जिला सहकारी गृहनिर्माण संस्था और अपार्टमेंट फेडरेशन के अध्यक्ष सुहास पटवर्धन मंच पर उपस्थित थे. महासेवा और विकसित कंसल्टिंग के सहयोग से आयोजित इस पहल में बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी शामिल हुए थे. इसमें आर्किटेक्ट, अनुभवी कंस्ट्रक्शन प्रोफेशनल, नए डेवलपर्स, कॉन्ट्रैक्टर, लीगल एक्सपर्ट, इंजीनियर, चार्टर्ड अकाउंटेंट के साथ-साथ अलग-अलग हाउसिंग सोसाइटियों के पदाधिकारी और सदस्य शामिल थे. इस अवसर पर पुनर्विकास प्रक्रिया पर आधारित विशेष कार्यपुस्तिका का विमोचन किया गया. रियल एस्टेट क्षेत्र में अपने अनुभव साझा करते हुए नाईकनवरे ने जीआरएसएफ की स्थापना के उद्देश्यों और इसके भविष्य के लक्ष्यों पर प्रकाश डाला, जबकि सुहास पटवर्धन ने पुणे शहर में पुनर्विकास की वर्तमान प्रकृति और इस क्षेत्र में आगे की चुनौतियों पर मार्गदर्शन किया.