कम वर्षा की आशंका से पानी कटाैती का संकट

    09-Apr-2026
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इस वर्ष वर्षा कम रहने के अनुमान काे ध्यान में रखते हुए पुणे, पिंपरीचिंचवड़ मनपा तथा एमआईडीसी क्षेत्र में 15 प्रतिशत जल कटाैती करने के निर्देश जलसंपदा विभाग ने दिए हैं. इस निर्णय से शहर पर पुनः जल कटाैती का संकट मंडराने की संभावना उत्पन्न हाे गई है.भारतीय माैसम विभाग ने वर्ष 2026 में एल-नीनाे और इंडियन ओशन डाइपाेल के प्रभाव के कारण मानसून कम रहने का अनुमान व्यक्त किया है. इस पृष्ठभूमि में जलसंपदा मंत्री के निर्देशानुसार उपलब्ध जलसंग्रह का कड़ाई से उपयाेग करने की नीति बनाई गई है. 31 जुलाई 2026 तक पेयजल पर्याप्त उपलब्ध रहे और जल संकट से बचाव हाे सके, इसके लिए प्रतिमाह 15 प्रतिशत कटाैती के आदेश दिए गए हैं.
 
इस बारे में मनपा आयुक्त नवल किशाेर राम ने बताया कि वर्तमान में शहर में स्थानानुसार जल आपूर्ति की जा रही है. कुछ क्षेत्राें में अधिक ताे कुछ क्षेत्राें में कम जल मिलने की स्थिति सामने आई है. हालांकि उचित नियाेजन के माध्यम से 15 प्रतिशत कटाैती के बावजूदनागरिकाें काे पर्याप्त जल उपलब्ध कराया जा सकता है. शहर में लगभग 3.5 लाख नल कनेक्शन हैं, जिनमें से लगभग 1.5 लाख अनाधिकृत हैं. इसके अतिरिक्त जल रिसाव और चाेरी के कारण लगभग 25 प्रतिशत जल व्यर्थ जा रहा है. इस रिसाव काे कम करने और अनाधिकृत कनेक्शन काे नियमित करने के लिए मनपा द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है. अभी भी 40 से 50 हजार अनाधिकृत कनेक्शनाें पर कार्रवाई शेष है.
 
इस बीच जलसंपदा विभाग ने 31 मार्च तक 25 कराेड़ रुपये का निधि उपलब्ध करायी है. वर्तमान में प्रति व्यक्ति 135 लीटर जल आपूर्ति की जा रही है, किंतु वितरण में त्रुटियाें के कारण सभी क्षेत्राें काे समान रूप से जल नहीं मिल रहा है. मनपा ने 35 क्षेत्राें का आकलन किया है तथा शेष क्षेत्राें का परीक्षण जारी है.जल उपयाेग का आकलन वर्तमान में पुणे मनपा प्रतिदिन लगभग 1560 एमएलडी पानी का इस्तेमाल करती है. 15 प्रतिशत कटाैती के बाद यह मात्रा लगभग 1300 एमएलडी रह जाएगी.प्रतिमाह वर्तमान में लगभग 1.65 टीएमसी जल उपयाेग हाेता है, जाे कटाैती के बाद 1.4 टीएमसी तक कम हाे जाएगा.