मस्साजाेगा के दिवंगत सरपंच संताेष देशमुख की पत्नी अश्विनी देशमुख काे ग्राम पंचायत चुनाव में करारी हार मिली है. इस हार काे लेकर जहां गरमागरम चर्चा हाे रही है, वहीं अब संताेष के भाई धनंजय देशमुख ने कहा है कि उन्हें गांव वालाें का दिया वाेट स्वीकार है.उन्हाेंने कहा है कि मेरे भाई की माैत हमारे लिए बहुत बड़ा नुकसान है.यह हार उसके बाद दूसरी है. हम गांव वालाें का वाेट स्वीकार करते हैं.संताेष देशमुख की 9 दिसंबर, 2024 काे बेरहमी से हत्या कर दी गई थी.इस मर्डर केस ने पूरे राज्य की राजनीति काे हिलाकर रख दिया था. इस केस में सत्ताधारी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता धनंजय मुंडे के खास वाल्मीक कराड काे गिरफ्तार किया गया था. इसके अलावा, धनंजय मुंडे काे भी अपने मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था. सभी पार्टियाें के नेताओं ने संताेष देशमुख काे इंसाफ दिलाने की पूरी काेशिश की.
नतीजतन, राज्य में सहानुभूति की लहर दाैड़ गई. इसलिए, मस्साजाेगा ग्राम पंचायत चुनाव में संताेष देशमुख की पत्नी अश्विनी देशमुख की जीत पक्की मानी जा रही थी. लेकिन आखिरकार बुधवार काे हुए चुनाव में उन्हें हार का सदमा झेलना पड़ा.गांव वालाें का वाेट स्वीकार धनंजय देशमुख ने इस हार पर बात करते हुए साफ किया कि उन्हाेंने गांव वालाें का दिया वाेट स्वीकार किया. हमारे भाइकी माैत से हमारे परिवार काे सबसे बड़ा नुकसान हुआ है. यह हार उसके सामने बहुत छाेटी है. हम गांव वालाें का दिया वाेट स्वीकार करते हैं. हम रिक्वेस्ट करते हैं कि इस मामले में फैलाई गई अफवाहें अब और न फैलाई जाएं.आखिर में परिवार और हमें इंसाफ की लड़ाई लड़नी हाेगी.हम गांव वालाें काे साथ लेकर लड़ेंगे. हम पर उडठ फंड लाने का आराेप लगाया गया था.आराेप लगाने वाले सबूताें के साथ इसे साबित करें. हमारी काेशिश संताेष अन्ना के सपनाें का गांव बनाने की हाेगी.