महाराष्ट्र में काराेबार करने वाले प्रत्येक रिक्शा और टैक्सी चालक के लिए मराठी भाषा का ज्ञान हाेना अब अनिवार्य हाेगा. प्रवासी चालकाें के लिए मराठी मार्गदर्शन पुस्तिका का विमाेचन बुधवार राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में मुख्यमंत्री और दाेनाें उपमुख्यमंत्रियाें की उपस्थिति में किया गया.यह पुस्तिका 1 मई से राज्य के सभी आरटीओ कार्यालयाें में उपलब्ध हाेगी और चालकाें काे इसे पूरा करने के लिए 15 अगस्त की समय सीमा दी गई है.इस फैसले की जानकारी देते हुए परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने कहा, शशांक राव, संजय निरुपम, हाजी शराफत शेख अली समेत कई संगठनाें ने हमसे समय मांगा था.उनका कहना था कि हिंदी भाषी चालकाें काे मराठी सीखने के लिए समय चाहिए्. हमने उन्हें समय दे दिया है, लेकिन अब इन संगठनाें की जिम्मेदारी बढ़ गई है.