पुणे, 9 मई (आ.प्र.) ससून सर्वोपचार हॉस्पिटल के पीडियाट्रिक डिपार्टमेंट में 8 मई को सोफोश सोशल ऑर्गनाइजेशन की तरफ से वर्ल्ड थैलेसीमिया डे मनाया गया. थैलेसीमिया पीडियाट्रिक मरीजों की खूबियों को दिखाने के लिए अलग-अलग कार्यक्रम किए गए और हिस्सा लेने वाले पीडियाट्रिक पेशेंट्स को गिफ्ट देकर सम्मानित किया गया. कार्यक्रम में ससून हॉस्पिटल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. यल्लप्पा जाधव, मैट्रन मिसेज केदारी, सोशल सर्विस डिपार्टमेंट के हेड सुपरीटेंडेंट डॉ. शंकर मुगावे, संबंधित डिपार्टमेंट के डॉक्टर, नर्स, करीब 50 थैलेसीमिया पीडियाट्रिक पेशेंट्स, सोफोश संस्था के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में पेशेंट्स के रिश्तेदार मौजूद थे. इस मौके पर मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. यल्लप्पा जाधव और मैट्रन मिसेज केदारी ने मार्गदर्शन करते हुए समाज से थैलेसीमिया पेशेंट्स के लिए सेंसिटिविटी के साथ आगे आने की अपील की. उन्होंने यह भी कहा कि थैलेसीमिया के मरीजों को रेगुलर ब्लड सप्लाई की जशरत को देखते हुए अयादा से अयादा लोगों को अपनी मर्जी से रक्तदान शिविर में हिस्सा लेना चाहिए. डॉ.शंकर मुगावे ने थैलेसीमिया बीमारी, उसके इलाज और अपनी मर्जी से रक्तदान की अहमियत के बारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा कि जन कल्याण समिति ने 24 हजार लोगों का ब्लड टेस्ट सर्वे किया, जिसमें करीब 3 प्रतिशत लोगों में थैलेसीमिया पाया गया. थैलेसीमिया मुक्त महाराष्ट्र अभियान शुरू करने का फ!सला किया है और बताया है कि पूरे राज्य में कॉलेज, सामाजिक संगठन, सत्संग मंडल जैसे अलग-अलग लेवल पर जनजागरण और ब्लड टेस्टिंग कैंपेन चलाए जाएंगे. उन्होंने यह भी बताया कि सरकार के साथ जन कल्याण समिति और इंस्टीट्यूट ऑफ हेमाटोलॉजी एंड इम्यूनोलॉजी ऑफ इंडिया इस कैंपेन में मुख्य हिस्सा लेंगे.