मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आश्वासन दिया है कि सरकार महाराष्ट्र काे ट्रिलियन डाॅलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में तेजी से कदम उठा रही है और इससे आम आदमी काे व्यापक लाभ मिलेगा.साेमवार काे सीआईआई की वार्षिक बैठक के दाैरान मीडिया से बातचीत में उन्हाेंने बताया कि उद्याेगाें और घरेलू उपभाेक्ताओं के लिए बिजली की दराें में भारी कमी की जाएगी.फडणवीस ने राज्य द्वारा भारत के आर्थिक परिवर्तन के अगले चरण का नेतृत्व करने की तैयारी पर बात की, जिसमें 2030 तक 1 ट्रिलियन डाॅलर की अर्थव्यवस्था बनने और 2047 तक दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य शामिल है. राज्य की आर्थिक मजबूती के बारे में बाेलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, आज महाराष्ट्र 660 अरब डाॅलर की अर्थव्यवस्था है जाे राष्ट्रीय जीडीपी में लगभग 15% का याेगदान देती है. भारत के कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का लगभग 40% महाराष्ट्र में आया है.साथ ही, मुख्यमंत्री ने ईंधनसंरक्षण के मुद्दे पर प्रधानमंत्री माेदी की आलाेचना करने वाले राहुल गांधी काे करारा जवाब देते हुए उन्हें अस्वीकृत वस्तु कहा.
मुख्यमंत्री ने भविष्य की अवधारणा पर आधारित सीआईआई व्यापार शिखर सम्मेलन में महाराष्ट्र की प्रगति पर एक रिपाेर्ट प्रस्तुत की. उन्हाेंने कहा, भविष्य में महाराष्ट्र कैसा हाेगा? और हम इसे कैसे बनाएंगे? मैंने यह कहा है. मैंने यहां कहा है कि महाराष्ट्र आज विभिन्न क्षेत्राें में अग्रणी है. इंजीनियरिंग, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, स्टार्टअप जैसे क्षेत्राें में महाराष्ट्र नंबर एक है. मैंने इस बारे में जानकारी दी कि हम महाराष्ट्र की इन शक्तियाें का लाभ उठाकर एक ट्रिलियन डाॅलर की अर्थव्यवस्था का निर्माण कैसे कर रहे हैं.मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी की ईंधन बचाने की अपील का समर्थन किया.पड़ाेसी देश पाकिस्तान में पेट्राेल की कीमतें 450 रुपये से ऊपर पहुंच गई हैं, जबकि माेदी की याेजना के चलते भारत में ईंधन की काेई कमी नहीं आई है. हालांकि, उन्हाेंने कहा कि विदेशी मुद्रा बचाने और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे दबाव काे देखते हुए अनियंत्रित खपत से बचना जरूरी है.