पिंपरी के रिवर राेड इलाके में डीपी से सरेआम बिजली चाेरी

    12-May-2026
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पिंपरी कैम्प के रिवर राेड इलाके और मार्केट में महावितरण के डी.पी.बाॅक्स से बिजली चाेरी हाे रही है और बिजली के उपकरण बड़ी संख्या में चला रहे हैं. दिलचस्प बात यह है कि स्थानीय अधिकारियाें काे इस सब की काेई जानकारी है, फिर भी वे आंखें मूंदे हुए हैं.आम आदमी के लिए एक इंसाफ और चाेरी करने वालाें के लिए दूसरा इंसाफ? यह गुस्से वाला सवाल है जाे शहर के ईमानदार बिजली ग्राहक अब पूछ रहे हैं.सिर्फ मार्केट ही नहीं, बल्कि शहर के झुग्गी-झाेपड़ियाें वाले इलाकाें में भी ‘बिजली माफिया’ सक्रिय हैं. ये हर महीने 200 से 300 रुपये वसूल रहे हैं और बिना इजाज़त कनेक्शन दे रहे हैं. महावितरण ने पहले कुछ अभियान चलाए थे, लेकिन वे सिर्फ ‘नाम के वास्ते’ थे.आज कार्रवाई की ताे अगले ही दिन तार जाेड़ कर बिजली चाेरी फिर शुरू हाे जाती है. कहा जा रहा है कि महावितरण के कर्मचारियाें की मेहरबानी के बिना यह समानांतर प्रणाली नामुमकिन है.
 
एक तरफ जहां लाखाें रुपयेकी बिजली चाेरी हाे रही है, वहीं महावितरण अपने नुकसान की भरपाई के लिए आम लाेगाें पर नज़र गड़ाए हुए है.अगर काेई मध्यमवर्गीय परिवार गल्ती से एक महीने का बिजली बिल नहीं भरता है, ताे बिना किसी पहले से नाेटिस के उसका कनेक्शन काट दिया जाता है.दाेबारा कनेक्शन जाेड़ने पर 250 रुपये से ज़्यादा का जुर्माना लगता है.सबकी नज़र में डीपी से तार जाेड़ कर बिजली चाेरी करने वालाें पर काेई कार्रवाई नहीं हाेती.जिनमें चाेरी पकड़ने की हिम्मत नहीं हाेती, वे गरीब ग्राहकाें के दरवाज़े पर जाकर धमकाते हैं, यह भावना लाेगाें में बन गई है.नागरिकाें द्वारा चेतावनी, सड़काें पर उतरने की तैयारी अगर महावितरण ने तुरंत इस बिजली चाेरी काे नहीं राेका और संबंधित दाेषियाें के खिलाफ मामले दर्ज नहीं किये, ताे आम नागरिक सड़काें पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं. यह मांग ज़ाेर पकड़ रही है कि लाखाें रुपये की आय चुराने वाले इन माफियाओं काे बचाने वाले अधिकारियाें की भी जांच हाेनी चाहिए. साथ ही मांग कर रहे है कि सख्त कार्रवाई की जाए.