पुणे मेट्राे की वृक्ष कटाई याेजना पर विवाद

    12-May-2026
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स्वारगेट से कात्रज और वनाज से एनडीए चाैक तक पुणे मेट्राे के प्रस्तावित विस्तार परियाेजना के कारण एक बार फिर पर्यावरणीय चिंता बढ़ गई है. मेट्राे प्रशासन ने विस्तार कार्य में बाधा उत्पन्न हाेने का कारण बताते हुए पुणे मनपा के वृक्ष प्राधिकरण से शहर के विभिन्न क्षेत्राें में कुल 466 पेड़ काटने की अनुमति मांगी है, जिससे पर्यावरण प्रेमियाें ने तीव्र आपत्ति दर्ज कराई है.मनपा के विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालयाें में प्रस्तुत प्रस्ताव के अनुसार काेथरुड कार्यालय क्षेत्र से 63 पेड़, विश्रामबाग क्षेत्रीय कार्यालय अंतर्गत 191 पेड़, बिबवेवाड़ीेत्र के 77 पेड़, काेंढवा-येवलेवाड़ी क्षेत्र के 25 पेड़ तथा धनकवड़ी क्षेत्र के 110 पेड़ हटाने की अनुमति मांगी गई है. प्रतिपूरक वृक्षाराेपण के अंतर्गत विशेषज्ञ समिति ने मेट्राे प्रशासन काे शहर के निर्धारित स्थानाें पर 10 हजार से अधिक पेड़ लगाने के निर्दे श दिए हैं. किंतु पर्यावरण कार्यकर्ताओं और नागरिक संगठनाें ने इस नए प्रस्ताव का तीव्र विराेध किया है.
 
उनका आराेप है कि पूर्व में वनाज से रामवाड़ी और स्वारगेट से पिंपरी मेट्राे मार्गाें के निर्माण के दाैरान लगाए गए प्रतिपूरक वृक्षाें की उचित देखभाल करने में प्रशासन विफल रहा है. कार्यकर्ताओं के अनुसार पूर्व चरणाें में 10 हजार से अधिक पेड़ लगाए जाने का दावा किया गया था.किंतु उनमें से लगभग 70 प्रतिशत पाैधेदेखभाल के अभाव और नियमित निरीक्षण न हाेने के कारण सूख गए अथवा नष्ट हाे गए हैं.प्रतिपूरक वृक्षाराेपण की स्थिति काे लेकर पारदर्शिता के अभाव का भी आराेप लगाया जा रहा है. पुणे मनपा के वृक्ष प्राधिकरण द्वारा बार-बार स्मरणपत्र भेजे जाने के बावजूद मेट्राे प्रशासन ने वृक्षाें की देखभाल और अस्तित्व संबंधी अर्धवार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किए हैं, ऐसा कहा जा रहा है. पर्यावरणवादी संगठनाें का कहना है कि पूर्व वृक्षाराेपण की जांच और उसकी सफल देखभाल सुनिश्चित किए बिना नई वृक्ष कटाई की अनुमति देना शहर के पहले से ही घटते हरित आवरण काे और अधिक क्षति पहुंचाने वाला हाेगा.