कोथरुड़, 12 मई (आ.प्र.) वास्तविक दुनिया की समस्याओं को सुलझाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ( एआई) की शक्ति का उपयोग करने की चुनौती के साथ, राष्ट्रीय स्तर की हैकाथॉन स्पर्धा इग्नीसिया-2026 का हाल ही में आयोजन किया गया था. इस प्रतियोगिता में फिनटेक समस्याओं के समाधान के लिए मुंबई की ब्रॉन जीपी टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त कर विजेता का खिताब अपने नाम किया. वहीं, एमआईटी-डब्ल्यूपीयू की बियॉन्ड बिट्स टीम उपविजेता रही और कर्नाटक की मणिपाल यूनिवर्सिटी की ट्रायस्टैक ओवरफ्लो टीम ने द्वितीय उपविजेता पद हासिल किया. इन दोनों टीमों ने एसएमईओ 2 चुनौती में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया. सोचें, सृजन करें और विकसित हों या घोषवाक्य के तहत एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के पॉलिटेक्निक एवं कौशल विकास विभाग और कंप्यूटर इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय स्तर की हैकाथॉन प्रतियोगिता इग्नीसिया-2026 का आयोजन किया गया था. प्रतियोगिता में विशेष प्रशंसा पुरस्कार के लिए अंतिम समय में तीन टीमों का चयन किया गया, जिनमें, लास्ट मिनिट चूस - वाईसीसीई (नागपुर), माइंड फ्रॉग - डीईएस वेिशविद्यालय (पुणे) शामिल थीं. इन टीमों को शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और एसएमई क्षेत्रों की समस्याओं का समाधान खोजने के लिए सम्मानित किया गया. इस प्रतियोगिता में पुणे और मुंबई के साथ-साथ तमिलनाडु, कर्नाटक, गोवा, गुजरात और तेलंगाना की टीमों ने भी हिस्सा लिया था. प्रतियोगिता में देशभर से अत्यंत कुशाग्र छात्र शोधकर्ता एकत्रित हुए थे. उनके सामने समय की सीमा को ध्यान में रखते हुए, वास्तविक दुनिया की समस्याओं को हल करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता ( एआई) की शक्ति का उपयोग करने की चुनौती रखी गई थी. प्रतियोगिता में समस्या विवरण 18 घंटे पहले घोषित किए गए थे. प्रतिभागी टीमों को एआई-आधारित समाधान तैयार करना आवश्यक था. इसमें स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, फिनटेक, स्थिरता, स्मार्ट सिटी समाधान, लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिए उपयोगी उपकरण का समावेश था. मूल्यांकन के लिए नवाचार, तकनीकी गहराई, व्यावहारिक उपयोगिता और प्रस्तुति की गुणवत्ता जैसे मानदंडों को आधार बनाया गया था. इस कार्यक्रम में उद्योग जगत के विशेषज्ञों का एक प्रतिष्ठित पैनल उपस्थित था. इसमें वरिष्ठ निदेशक स्वाती सादिनेनी सम्मानित अतिथि के रूप में, जबकि संजय पटवर्धन, अनीश नाथानी और सारंग कमलाकर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे. स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के डीन डॉ. सिद्धार्थ चक्रवर्ती, कंप्यूटर इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी विभाग के कार्यक्रम निदेशक डॉ. बी. एम. पाटिल, पॉलिटेक्निक और कौशल विकास विभाग की कार्यक्रम निदेशिका डॉ. रोहिणी काले, कार्यक्रम समन्वयक डॉ. ज्योति मांटे, डॉ. शर्मिष्ठा देसाई और छात्र समन्वयक विवान माथुर भी इस अवसर पर उपस्थित रहे.