23 लाख छात्राें के सपनाें काे माेदी सरकार ने कुचल दिया है. यह प्रतिपादन नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने किया.नीट की परीक्षा रद्द करने के बाद उन्हाेंने केंद्र पर हमला बाेला. ए्नस पर लिखते हुए उन्हाेंने कहा-प्रधानमंत्री का अमृतकाल देश के लिए विषकाल बन गया है. किसी ने कर्ज लिया, किसी ने गहने बेचे. पर उन्हें अंजाम परीक्षा रद्द हाेने के रूप में मिला.भारत सरकार से मंजूरी मिलने के बाद एनटीए ने यह फैसला लिया. उन्हाेंने कहा लाखाें बच्चाें ने रात-रात भर जागकर पढ़ाई की और बदले में मिला, पेपर लीक, सरकारी लापरवाही और शिक्षा में संगठित भ्रष्टाचार. उन्हाेंने आगे लिखा, यह सिर्फ नाकामी नहीं, युवाओं के भविष्य के साथ अपराध है. हर बार पेपर माफिया बच निकलते हैं और ईमानदार छात्र सजा भुगतते हैं. अब लाखाें छात्र फिर से वही मानसिक तनाव, आर्थिक बाेझ और अनिश्चितता झेलेंगे.
अगर अपनी तकदीर परिश्रम से नहीं, पैसे और पहुंच से तय हाेगा, ताे फिर शिक्षा का मतलब क्या रह जाएगा? प्रधानमंत्री का तथाकथित अमृतकाल, देश के लिए विषकाल बन गया है. दरअसल, 3 मई काे आयाेजित नीट परीक्षा काे लेकर एनटीए काे जानकारी मिली कि इसका पेपर राजस्थान और उत्तराखंड में लीक हाे गयाइसका पेपर वास्तविक प्रशनपत्र से मिलता-जुलता था. इसके बाद राजस्थान पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) ने मामले की जांच की. अब इसकी आगे की जांच सीबीआई काे साैंप दी गई है. जांच में एसओजी टीम काे परीक्षा से कुछ दिन पहले प्रसारित किए गए 400 से ज्यादा प्रश्नाें का एक सेट मिला. इसमें जीव विज्ञान और रसायन विज्ञान के 100 से ज्यादा प्रश्न नीट परीक्षा में पूछे गए प्रश्नाें से मिलान खाते थे.महाराष्ट्र के लातूर में भी एक काेचिंग सेंटर से इसी तरह के वीडियाे और प्रश्नपत्र के सेटाें की फाेटाेकाॅपी साेशल मीडिया पर शेयर की गई थी.