एसआईटी के बाद अब ईडी ने रूपाली चाकणकर काे समन भेजा

    13-May-2026
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SIT 
 
नासिक के पाखंडी अशाेक खरात के मामले ने अब बड़ा माेड़ ले लिया है.राज्य महिला आयाेग की पूर्व अध्यक्ष रूपाली चाकणकर की मुश्किलें बढ़ने की संभावना है. हाल ही में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने उनकी विस्तार से जांच की थी, उसके बाद अब पता चला है कि एनफाेर्समेंट डायरेक्टरेट यानी ईडी भी इस मामले में कूद पड़ा है.सूत्राें के मुताबिक, ईडी ने रूपाली चाकणकर काे समन भेजा है, और उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनाें में उनसे पूछताछ हाे सकती है. इसी वजह से इस पूरे मामले ने राज्य के राजनीतिक गलियाराें में काफी हलचल मचा दी है.अशाेक खरात पर बड़े पैमाने पर जबरन वसूली के गंभीर आराेप हैं. जांच एजेंसियाें से मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक, शक है कि इस कथित रैकेट में 70 कराेड़ रुपये से ज्यादा का लेन-देन हुआ.
 
यह भी पता चला है कि इस पैसे के लेन-देन काे छिपाने के लिए कई बेनामी बैंक अकाउंट का इस्तेमाल किया गया था.जैसे ही इन फाइनेंशियल लेन-देन से जुड़े कुछ तार रूपाली चाकणकर तक पहुंचे, जांच एजेंसियाें ने उन पर फाेकस कर दिया है.अब यह पता लगाने के लिए पूरी जांच चल रही है कि वे इन ट्रांज़ैक्शन में सीधे ताैर पर शामिल थीं या नहीं.दाे दिन पहले, एसआईटी ने नासिक में रूपाली चाकणकर से साढ़े पांच घंटे तक पूछताछ की थी.इस जांच के दाैरान, कई डाॅक्यूमेंट्स की जांच की गई.बताया जा रहा है कि जांच अधिकारियाें ने कुछ फाइनेंशियल ट्रांज़ैक्शन, ऑर्गनाइज़ेशन से जुड़े रिकाॅर्ड और काॅन्टैक्ट जानकारी काे वेरिफाई किया. इस केस की गंभीरता इसलिए बढ़ गई है क्याेंकि ईडीने एसआईटी जांच के तुरंत बाद अपनी गतिविधियां शुरू कर दी हैं.
 
अब चर्चा है कि मनी लाॅन्ड्रिंग, फाइनेंशियल गड़बड़ियाें और पैसे के गैर-कानूनी इस्तेमाल के सभी मामलाें की एक इंडिपेंडेंट जांच की जाएगी.शिवानिका नाम का एक ऑर्गनाइज़ेशन भी जांच एजेंसियाें के रडार पर आ गया है.इस ऑर्गनाइज़ेशन में रूपाली चाकणकर की भूमिका के बारे में जानकारी की जांच की जा रही है.यह पता लगाने के लिए जांच चल रही है कि अशाेक खरात द्वारा कथित ताैर पर इकट्ठा किए गए पैसे का ट्रांज़ैक्शन इसी ऑर्गनाइज़ेशन के ज़रिए हुआ था या नहीं, और क्या फाइनेंशियल ट्रांज़ैक्शन काे छिपाने के लिए काेई मदद दी गई थी. इसके अलावा, यह भी जांच की जा रही है कि क्या इन ट्रांज़ैक्शन के तार महाराष्ट्र के बाहर दूसरे राज्याें तक पहुंचते हैं? इसलिए, इस केस का दायरा और बढ़ने की संभावना है.