ईश्वर की भक्ति का सटीक स्वरूप क्या है..? भगवान किसे भक्ति कहते हैं..? इसका विस्तृत विश्लेषण करने के लिए और अधिक मास के पावन अवसर पर भगवान श्री गणेश की भक्ति का मार्ग प्रशस्त करने हेतु, श्री गणेश गीता के ‘भक्तियाेग’काे गणेश भक्ताें के सामने रखने के लिए प्रवचन माला का आयाेजन किया गया है. श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई सार्वजनिक गणपति ट्रस्ट और सुवर्णयुग तरुण मंडल की ओर से आयाेजित इस प्रवचन माला में यवतमाल (वणी) के प.पू. गाणपत्य विद्यावाचस्पति स्वानंद पुंड शास्त्री महाराज निरूपण करेंगे. ट्रस्ट के अध्यक्ष सुनील रासने ने जानकारी दी कि यह प्रवचन माला सभी के लिए निः शुल्क और खुली है.
श्रीमंत थाेरले बाजीराव राेड स्थित नू.म.वि. प्रशाला और कनिष्ठ महाविद्यालय के सभागार में रविवार (17 मई से 23 मई) तक प्रतिदिन शाम 6:30 से 8 बजे तक यह प्रवचनमाला आयाेजित की जाएगी. ट्रस्ट की ओर से यह अपील की गई है कि गणेश भक्त बड़ी संख्या में इस प्रवचनमाला में सम्मिलित हाें.गाैरतलब है कि भगवान गणेश के सगुण साकार रूप और विभिन्न अवताराें की विस्मयकारी लीलाओं की गाथा यानी मश्री गणेश पुराणफ है. भगवान श्री गणेश ने द्वापर युग में अपने श्री गजानन अवतार में, माहिष्मती नगरी के सम्राट महाराज वरेण्य काे जाे दिव्य उपदेश दिया था, वही मगणेश गीताफ है. श्री गणेश पुराण के ‘क्रीड़ा खंड में इस उपदेश काे संकलित किया गया है.