पुणे कैन्टाेंमेंट के सरदार पटेल अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था रामभराेसे

    14-May-2026
Total Views |
 

Hospital 
 
पुणे कैन्टाेंमेंट बाेर्ड के सरदार वल्लभभाई पटेल अस्पताल की सुरक्षा रामभराेसे चल रही है. केवल 9 सुरक्षा रक्षक (स्नियाेरिटी गार्ड) पूरे अस्पताल की सुरक्षा के लिए नियुक्त किए गए हैं. बल्कि अस्पताल में आने-जाने वाले लाेग, मरीज और उनके रिश्तेदाराें की संख्या हर दिन ज्यादा ही रहती है. कई बार वाद-विवाद की घटनाएं भी घटती हैं. लेकिन बाेर्ड प्रशासन सुरक्षा रक्षकाें की संख्या बढ़ा नहीं रहा है. ऐसे में भविष्य काेई अनुचित घटना घटी ताे इसके लिए जिम्मेदार काैन हाेगा? बाेर्ड या अस्पताल प्रशासन. यह सवाल नागरिक पूछ रहे हैं.पुणे कैन्टाेंमेंट बाेर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विद्याधर पवार से इस बारे में आज का आनंद के प्रतिनिधि ने बात की ताे उन्हाेंने कहा कि, सरदार पटेल अस्पताल में सुरक्षा रक्षकाें की संख्या बढानी चाहिए, यह वास्तव है. लेकिन बाेर्ड ज्यादा स्टाफ नहीं बढा सकता. क्योंकि, संरक्षण मंत्रालय का सख्त ऑर्डर है कि, स्टाफ की संख्या ज्यादा नहीं बढाई जाए. वास्तविक में सरदार पटेल अस्पताल का क्षेत्र ढाई एकड में है.
 
अस्पताल में मेल, फीमेल, चिल्ड्रन और लेबर यह चार वाॅर्ड हैं. अस्पताल 100 बेड का है. लेकिन आऊटसाेर्स के द्वारा भी मदत लेने के कारण 180 बेड का अस्पताल है.बाेर्ड प्रशासन ने अस्पताल में सुरक्षा रक्षकाें की संख्या बढाई नहीं है. ऐसे में भविष्य में अस्पताल में काेई बढी अनुचित घटना घट जाती है, ताे इसका जिम्मेदार काैन हाेगा. इस पर भी गंभीरता से विचार करने की जरुरत है. सरदार वल्लभभाई पटेल अस्पताल में पुणे कैन्टाेंमेंट बाेर्ड में रहनेवाले ज्यादातर नागरिक उपचार के लिए आते हैं.साथ ही हाल ही में नवजात बच्चाें के लिए एनआईसीयू वाॅर्ड बनाया गया है. यहां पर हर दिन उपचार के लिए नागरिक ओपीडी में आते हैं. अस्पताल का तकरीबन स्टाफ और आउटसाेर्स किया हुआ स्टाफ ऐसा कुल मिलाकर 200 के आसपास स्टाफ है.उनके भी सुरक्षा का विषय महत्वपूर्ण है.
 
पिछले वर्ष अस्पताल में रात के समय एक आदमी सुरक्षा व्यवस्था काे चकना देकर टेरेस पर चला गया था. बाद में उस आदमी काे मृत पाया गया. एक ब्रदर से भी कुछ लाेगाें ने मारपीट की थी. हाल ही में पिछले कुछ दिन पहले एक मरीज अस्पताल में उपचार के लिए दाखिल हुआ था. लेकिन बाहर से आए हुए कुछ लाेगाें ने उसे मारापीटा था. आखिरकार अस्पताल प्रशासन ने उस मरीज काे डिस्चार्ज दे दिया.ऐसी भी घटनाएं अस्पताल में घटी हैं.अस्पताल प्रशासन द्वारा सुरक्षा रक्षकाें की संख्या बढाने की मांग भी पुणे कैन्टाेंमेंट बाेर्ड काे इससे पहले भी की गई है. लेकिन बाेर्ड प्रशासन द्वारा सुरक्षारक्षकाें की संख्या अब तक बढाई नहीं गई है.
 
अस्पताल में 14 डाॅ्नटर्स, 38 नर्स हैं.साथ ही आया और अन्य कर्मचारी भी नियुक्त है. लेकिन यह स्टाफ पर्याप्त नहीं है.ऐसा अस्पताल के स्टाफ का ही कहना है.अस्पताल में स्टाफ की कमी के कारण नर्सेस काे ज्यादा मरीजाें की देखभाल करनी पडती है. नियुक्त किए गए सुरक्षा रक्षक बाहर की एजेन्सी के है. स्टाफ का कहना है कि, तीन शिफ्ट में काम करनेवाले सुरक्षा रक्षक भी आपस में ड्यूटी के घंटे भी एडजस्ट करते हैं. ऐसे में किस के भराेसे रहें, यह भी एक चिंता का विषय बन गया है.सरदार वल्लभभाई पटेल अस्पताल की निवासी वैद्यकीय अधिकारी डाॅ. उषा तपासे ने कहा कि, अस्पताल का क्षेत्र ढाई एकड में है.