मुंबई, 14 मई (वि.प्र.) मध्य रेल ने अपने पूरे नेटवर्क में अनधिकृत और बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है. अप्रैल 2026 में चलाए गए विशेष टिकट जांच अभियानों के दौरान मध्य रेल ने बिना टिकट या अमान्य टिकट पर यात्रा कर रहे 4.96 लाख यात्रियों को पकड़ा, जिनसे जुर्माने के रूप में कुल 40.85 करोड़ रुपये वसूले गए ह्ैं. पिछले वर्ष की तुलना में इस बार पकड़े गए मामलों में 23% और जुर्माने की राशि में 63% से अधिक की भारी वृद्धि दर्ज की गई है. टिकट जांच टीमों ने विभिन्न मंडलों में मुस्तैदी दिखाते हुए अपराधियों पर नकेल कसी. मंडलवार आंकड़ों के अनुसार मुंबई मंडल में 2.27 लाख मामलों से सर्वाधिक 16.13 करोड़ रुपये वसूले गए्. भुसावल मंडल में 1.09 लाख मामलों से 12.23 करोड़ रुपये की वसूली हुई्. नागपुर मंडल में 58 हजार मामलों से 3.92 करोड़ रुपये का जुर्माना लिया गया. पुणे मंडल में 52 हजार मामलों से 4.54 करोड़ रुपये वसूले गए. सोलापुर मंडल में 25 हजार मामलों से 1.45 करोड़ रुपये प्राप्त हुए. मुख्यालय से 26 हजार मामलों से 2.58 करोड़ रुपये की राशि एकत्रित की गई. उपनगरीय और एसी ट्रेनों पर विशेष नजर मुंबई मंडल की उपनगरीय सेवाओं में कुल 1.34 लाख मामले सामने आए, जिनसे 6.64 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ. इसमें एसी लोकल ट्रेनों में अनधिकृत रूप से यात्रा करने वाले 12,698 यात्री भी शामिल हैं, जिनसे 39.66 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया. पुणे मंडल की बात करें तो यहाँ कुल 51,791 मामलों में से 9,611 उपनगरीय मामले थे, जिनसे 0.52 करोड़ रुपये वसूले गए, जबकि गैर-उपनगरीय (मेल/एक्सप्रेस) मामलों से 4.02 करोड़ रुपये प्राप्त हुए.