एड़ी का दर्द छोटी परेशानी नहीं, बड़ा संकेत

पेन स्पेशिलस्ट डॉ. प्रिया राठी ने महत्वपूर्ण जानकारी दी

    17-May-2026
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आजकल एड़ी का दर्द बहुत आम समस्या बन चुका है. सुबह बिस्तर से उठते ही पहला कदम रखते समय एड़ी में तेज चुभन महसूस होना, या दिनभर खड़े रहने के बाद दर्द और भारीपन लगना ये संकेत हैं कि शरीर को देखभाल की जरूरत है. कई लोग इसे मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन समय पर इलाज न मिलने पर यही दर्द चलने के तरीके को बदल देता है और आगे चलकर घुटनों व कमर तक असर पहुंचा सकता है.इस विषय पर हमने पेन स्पेशलिस्ट डॉ. प्रिया राठी से खास बातचीत की, ताकि एड़ी दर्द के कारण, बचाव और आधुनिक उपचार के बारे में आसान भाषा में जानकारी मिल सके. प्रस्तुत हैं उनसे बातचीत के प्रमुख अंश 
 
प्रश्न : एड़ी के दर्द का सबसे बड़ा कारण क्या होता है?
 उत्तर: एड़ी दर्द का सबसे सामान्य कारण प्लांटर फेशाइटिस होता है. इसमें पैर के तलवे में मौजूद मोटी झिल्ली में सूजन आ जाती है. इसके अलावा एड़ी की हड्डी पर कांटा निकलना, अकिलीज टेंडन में खिंचाव, लंबे समय तक खड़े रहना, गलत जूते पहनना और मोटापा भी इसके प्रमुख कारण ह्‌ैं‍. कई बार अचानक अधिक व्यायाम शुरू करने से भी एड़ी पर दबाव बढ़ जाता है.
प्रश्न : पिंडली की मांसपेशियों का एड़ी दर्द से क्या संबंध है?
उत्तर: बहुत से लोग यह नहीं जानते कि पिंडली की कड़क मांसपेशियां भी एड़ी दर्द की बड़ी वजह बनती हैं. पिंडली की मांसपेशियां अकिलीज टेंडन के जरिए एड़ी की हड्डी से जुड़ी होती हैं. जब ये मांसपेशियां बहुत टाइट हो जाती हैं, तब चलते समय एड़ी की झिल्ली पर लगातार खिंचाव पड़ता है. इससे सूजन और दर्द शुरू हो जाता है. यही कारण है कि स्ट्रेचिंग और व्यायाम इलाज का महत्वपूर्ण हिस्सा माने जाते हैं.

प्रश्न : क्या एड़ी का दर्द कमर तक असर डाल सकता है?
उत्तर: जी हां. जब एड़ी में दर्द होता है तो व्यक्ति अनजाने में अपना चलने का तरीका बदल देता है. वह शरीर का वजन दूसरी तरफ डालने लगता है. इससे घुटनों, कूल्हों और कमर पर गलत दबाव पड़ता है. अगर यह लंबे समय तक चलता रहे तो कमर दर्द और रीढ़ की समस्याएं भी शुरू हो सकती हैं. इसलिए एड़ी के दर्द को शुरुआत में ही गंभीरता से लेना जरूरी है.
प्रश्न : शुरुआती इलाज में क्या करना चाहिए?
उत्तर: शुरुआती अवस्था में आराम करना, मुलायम और सही जूते पहनना, बर्फ से सिकाई करना और नियमित स्ट्रेचिंग करना काफी फायदेमंद रहता है. वजन नियंत्रित रखना भी जरूरी है. कई मरीज केवल जीवनशैली में बदलाव से ही ठीक हो जाते हैं.
प्रश्न : पुराने और जिद्दी दर्द का आधुनिक इलाज क्या है?
उत्तर: जब दर्द लंबे समय तक बना रहे और सामान्य उपचार से आराम न मिले, तब आधुनिक उपचार अपनाए जाते हैं. अल्ट्रासाउंड गाइडेड ड्राई नीडलिंगइस प्रक्रिया में अल्ट्रासाउंड मशीन की मदद से दर्द वाली सही जगह देखी जाती है. वहां कई बारीक सुइयां लगाई जाती हैं, जो कड़े और क्षतिग्रस्त ऊतकों को सक्रिय करती हैं. इससे शरीर की प्राकृतिक मरम्मत प्रक्रिया तेज होती है. इसमें किसी दवा का उपयोग नहीं किया जाता. पीआरपी इंजेक्शनपीआरपी यानी प्लेटलेट रिच प्लाज्मा उपचार में मरीज का खुद का खून लेकर उसे विशेष प्रक्रिया से तैयार किया जाता है. उसमें मौजूद प्लेटलेट्स और ग्रोथ फैक्टर्स को दर्द वाली जगह पर इंजेक्ट किया जाता है. इससे ऊतकों की मरम्मत तेजी से होती है और पुराने दर्द में काफी राहत मिलती है.
प्रश्न : मरीज को कब दर्द विशेषज्ञ के पास जाना चाहिए?
 उत्तर: अगर एड़ी का दर्द दो हफ्तों से ज्यादा बना रहे, सुबह उठते समय बहुत तेज महसूस हो, चलने में परेशानी हो या दर्द बार-बार लौट आए तो तुरंत दर्द विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए्‌‍. सही समय पर इलाज शुरू करने से यह समस्या पूरी तरह ठीक हो सकती है.