सैलिसबरी पार्क, 16 मई (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) पुणे के सैलिसबरी पार्क (मार्केटयार्ड) में रहने वाली और कैंप के सेंट ऐनी हाईस्कूल में पढ़ने वाली रिदमिक जिम्नास्टिक प्लेयर व्रिति रितेश शाह ने क्लास 10 की परीक्षा में 100 प्रतिशत अंकों के साथ पास होकर बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है. व्रिति शाह ने इस सफलता के लिए किसी क्लास का सहारा नहीं लिया, बल्कि सेल्फ-मोटिवेशन और सेल्फ-स्टडी से यह सफलता हासिल की. व्रिति ने छह साल की उम्र में जिम्नास्टिक शुरू किया था, बेशक, उनके पिता रितेश और मां प्रिया शाह ने उन्हें इसके लिए प्रोत्साहित किया. उन्हें बचपन से ही जिम्नास्टिक के लिए महाराष्ट्र मंडल की सविता मराठी से गाइडेंस मिली है, जबकि कोविड के दौर से उन्हें अक्षता शेटे-जाधव से गाइडेंस मिल रही है. व्रिति एक सफल रिदमिक जिम्नास्ट हैं और उन्होंने कई जाने-माने कॉम्पिटिशन में अपने स्कूल, राज्य और देश को रिप्रेजेंट किया है. उन्होंने 2023, 2024 और 2025 में SGFI नेशनल चैंपियनशिप में हिस्सा लिया है और तीनों सालों में मेडल जीते हैं, और 2023 में नेशनल चैंपियन भी बनी हैं. उन्होंने रिदमिक जिम्नास्टिक नेशनल चैंपियनशिप 2025 में जूनियर नेशनल चैंपियन का टाइटल जीता है, जिसमें पांच गोल्ड मेडल जीतकर शानदार सफलता हासिल की है. व्रिति 100 से अयादा मेडल जीत चुकी हैं. उन्हें ‘खेलो इंडिया एथलीट’ के तौर पर चुना गया है और उन्हें ‘स्पोर्ट्स स्कॉलरशिप’ भी मिली है. एजुकेशन और स्पोर्ट्स दोनों फील्ड में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली वृति ने इंटरनेशनल लेवल पर भी इंडिया को रिप्रेजेंट किया है. उन्होंने जूनियर एशियन चैंपियनशिप 2025-26 और BAKO में सीनियर वर्ल्ड कप 2026 में इंडिया के लिए हिस्सा लिया है. अपने दसवें साल में, वृति ने हर दिन छह घंटे सेल्फ-स्टडी पर फोकस किया. स्पोर्ट्स कैप्टन रह चुकीं व्रिति बचपन से ही स्कूल में एक होनहार स्टूडेंट के तौर पर जानी जाती हैं. उन्होंने लगातार चार साल तक ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ का टाइटल जीता है. व्रिति अपना जिम्नास्टिक करियर जारी रखेंगी और कई जगहों पर इंडिया को रिप्रेजेंट करना चाहती हैं. इसके साथ ही, वह साइंस में जाकर ‘ग्लोबल वार्मिंग और एनवायरनमेंट’ सब्जेक्ट पर स्पेशल रिसर्च करना चाहती हैं. व्रिति के पिता रितेश शाह का ‘डिपेंडेंट केयर यूनिट’ है, और उनकी मां प्रिया शाह सी.ए. हैं. व्रिति का सफर कड़ी मेहनत, डिसिप्लिन, डेडिकेशन और लगन की एक इंस्पायरिंग मिसाल है.