नए आईटी कानून का मकसद है लिटिगेशन कम करना

पुणे आयकर विभाग के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त विवेक वाडेकर ने दी जानकारी

    18-May-2026
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पुणे, 17 मई (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क)

नए आईटी कानून का मकसद लिटिगेशन कम करना, टैक्सपेयर की सुविधा व भरोसा बढ़ाना, कम्प्लायंस खर्च व समय कम करना एवं मॉडर्न, डिजिटल भरोसे पर आधारित एडमिनिस्ट्रेशन से बिजनेस करने में आसानी लाना है. यह जानकारी पुणे आयकर विभाग के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त विवेक वाडेकर ने दी. गणेशखिंड इलाके में कॉसमॉस बैंक ऑडिटोरियम में इन्कम टैक्स डिपार्टमेंट की तरफ से नए इन्कम टैक्स एक्ट के बारे में जानकारी दी गई. इस मौके सांसद डॉ. मेधा कुलकर्णी, उद्योजिका लीला पूनावाला, प्रदीप भार्गव और आयकर पुणे विभाग के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त विवेक वाडेकर मंच पर उपस्थित थे. विवेक वाडेकर ने कहा कि, नया एक्ट 2025 सिंपल है और 1961 के एक्ट के मुकाबले इसे बहुत आसान बनाया गया है. इसमें नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है. विशेषकर ईमानदार करदाताओं, मध्यमवर्गीय परिवारों, स्टार्टअप्स्‌‍, एमएसएमई, महिला उद्यमियों और युवा पेशेवरों के लिए उपयुक्त है. यह सुधार भारत सरकार के व्यापक दृष्टिकोण-डिजिटल इंडिया, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, और विकसित भारत 2017 को दर्शाता है. सांसद डॉ. मेधा कुलकर्णी ने कहा कि, नया कानून सिंपल और अयादा फ्लेक्सिबल बनाने से अब टैक्स कलेक्शन और अयादा तेज होगा. पुराना कानून बहुत मुश्किल था, लेकिन मोदी सरकार ने 1961 के एक्ट को बदलकर नया कानून आसान बना दिया है. इससे ईमानदार टैक्सपेयर्स का शोषण रुकेगा. लीला पूनावाला ने हितधारकों तक पहुंच बनाने के लिए विभाग के प्रयासों की सराहना की और वेिशास-आधारित तथा करदाता-हितैषी सुधारों का स्वागत किया. कार्यक्रम के दौरान विभाग के अधिकारियों ने नए एक्ट की प्रमुख विशेषताओं पर विस्तृत प्रस्तुतियां दीं और ‌‘प्रारंभ 2026‌’ के तहत शुरू की गई करदाता सुविधा पहलों पर प्रकाश डाला. जिनमें कर साथी आयकर वेबसाइट पर उपलब्ध एआई-सक्षम चैटबॉट, कर सेतु पर व्यापक मार्गदर्शन और संदर्भ मंच, तथा संवाद इंटरैक्टिव लर्निंग सत्र शामिल हैं. आयकर विभाग ने जानकारी दी कि महाराष्ट्र भर में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. पुणे क्षेत्र के सभी 23 जिलों को कवर करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके तहत आयकर कानून, 2025 से संबंधित जागरूकता और हितधारक सहभागिता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. अहिल्यानगर, कोल्हापुर, सांगली, छत्रपति संभाजीनगर, जलगांव, ठाणे, बीड, नांदेड़, सोलापुर, नासिक और पुणे सहित 11 जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.