व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की कीमताें में केंद्र सरकार द्वारा की गई 993 रुपये की भारी बढ़ाेतरी ने मुंबई के खाद्य उद्याेग में हड़कंप मचा दिया है. शुक्रवार काे इस फैसले के बाद शहर के रेस्तरां मालिकाें और छाेटे दुकानदाराें के बीच चिंता और भविष्य काे लेकर डर साफ देखा गया. विशेषज्ञाें के अनुसार, यह अब तक की सबसे बड़ी वृद्धि है, जिसके कारण अब 19 किलाे वाला व्यावसायिक सिलेंडर 3,024 रुपये का हाे गया है.एसाेसिएशन ऑफ हाेटल्स एंड रेस्टाेरेंट्स के अध्यक्ष विजय के.शेट्टी ने चेतावनी दी है कि ईंधन की कीमताें में यह वृद्धि सरकार द्वारा हाेटल मालिकाें पर बिल्कुल करीब से चलाई गई गाेली के समान है.
उन्हाेंने संकेत दिया कि आगामी दिनाें में रेस्तरां के मेनू कार्ड की कीमताें में 15% की वृद्धि अनिवार्य है. कुछ छाेटे भाेजनालयाें के मालिकाें, जैसे आरव शेट्टी ने ताे यहाँ तक कहा कि शनिवार से ही वे कीमताें में 20% की बढ़ाेतरी लागू कर देंगे, क्याेंकि पिछला घाटा अब सहन करना मुमकिन नहीं है. 5 किलाे वाले छाेटू सिलेंडर की कीमत में भी 241 रुपये की बढ़ाेतरी हुई है, जिससे यह अब 838 रुपये का हाे गया है. बांद्रा स्थित लकी रेस्टाेरेंट के माेहसेन हुसैनी जैसे व्यवसायी, जिनकी प्रतिदिन की खपत 10-12 सिलेंडर है, के लिए यह बाेझ असहनीय हाेता जा रहा है. सबसे दुखद स्थिति उन ढाबाें और छाेटे हाेटलाें की है जाे दिहाड़ी मजदूराें काे किफायती भाेजन पराेसते हैं. मालिकाें का कहना है कि गरीब तबका बार-बार बढ़ती कीमताें काे चुकाने में असमर्थ है, जिससे उनकी बिक्री और ग्राहकाें की थालीदाेनाें पर संकट मंडरा रहा है.