पुणे, 30 अप्रैल (आ. प्र.) बजाज फाइनेंस ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में 5,465 करोड़ का शुद्ध मुनाफा (नेट प्रॉफिट) कमाया है. पिछले साल की इसी तिमाही के 4,480 करोड़ के मुकाबले इसमें 22% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. कंपनी ने अच्छे नतीजों के साथ ही यह भी जानकारी दी है कि राजीव बजाज बोर्ड से इस्तीफा दे रहे हैं. कंपनी के मुनाफे में इस उछाल की बड़ी वजह बैड लोन (फंसे हुए कर्ज) के लिए किए जाने वाले प्रावधान (प्रोविजन) में कमी आना है. विलेषकों ने इस तिमाही में 5,490 करोड़ के मुनाफे का अनुमान लगाया था, और कंपनी के नतीजे लगभग उसी के आसपास रहे ह्ैं. कंपनी का रेवेन्यू भी 18% बढ़कर 21,606 करोड़ पर पहुंच गया है, जो पिछले साल 18,294 करोड़ था. कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि राजीव बजाज ने बोर्ड से हटने की इच्छा जताई है. वे कंपनी की आगामी वार्षिक आम बैठक में दोबारा नियुक्ति के लिए खुद को पेश नहीं करेंगे. ऐसे में वे नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद को छोड़ देंगे. बोर्ड ने कंपनी में उनके लंबे योगदान की सराहना की है. राजीव बजाज वर्तमान में वाहन निर्माता कंपनी बजाज ऑटो के मैनेजिंग डायरेक्टर ह्ैं. वे पिछले तीन दशकों से अधिक समय से बजाज ग्रुप के साथ जुड़े हुए है. उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग, सप्लाई चेन, ठऊ, इंजीनियरिंग और मार्केटिंग जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. राजीव बजाज ने पुणे वेिशविद्यालय से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री और वारविक यूनिवर्सिटी से मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम्स इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री हासिल की है. वे बजाज ग्रुप की कई अन्य कंपनियों में भी डायरेक्टर के पद पर हैं, जिनमें बजाज होल्डिंग्स एंड इन्वेस्टमेंट लिमिटेड, बजाज ऑटो क्रेडिट लिमिटेड और बजाज सेवाश्रम प्राइवेट लिमिटेड शामिल है.