पुणे, 19 मई (आज का आनंद न्यूज नेटवर्क) सावित्रीबाई फुले पुणे वेिशविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग द्वारा 16 मई को पूर्व छात्र वार्ता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. अर्थशास्त्र के छात्रों के लिए करियर विकल्प विषय पर आयोजित इस विशेष सेमिनार का उद्देश्य विद्यार्थियों को अकादमिक अध्ययन और व्यावसायिक दुनिया के बीच की दूरी को समझाना था. कार्यक्रम में विभाग के प्रतिष्ठित पूर्व छात्रों ने अपने अनुभव साझा कर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया. कार्यक्रम की शुरुआत समन्वयक डॉ. मानसी गोरे के स्वागत भाषण से हुई, जबकि विभाग प्रमुख प्रोफेसर सुरभि जैन ने अर्थशास्त्र के क्षेत्र में बदलते अवसरों और सरकारी तथा निजी क्षेत्रों में उपलब्ध संभावनाओं पर प्रकाश डाला. प्रोफेसर धनमंजरी साठे विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं. मुख्य अतिथि प्रोफेसर विलास अढ़ाव ने छात्रों से वैेिशक प्रतिस्पर्धा के दौर में आजीवन सीखने की भावना अपनाने की अपील की. उन्होंने कहा कि उन्नत शिक्षा और अनुसंधान के लिए अर्थशास्त्र प्रयोगशाला की स्थापना समय की आवश्यकता है. साथ ही उन्होंने भारतीय अर्थशास्त्रियों जैसे डॉ. बाबासाहेब आंबेड़कर, दादाभाई नौरोजी, महात्मा गांधी और महात्मा फुले के विचारों को पाठ्यक्रम में शामिल करने की आवश्यकता पर बल दिया. आईआईटीआरएएम के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रवीण जाधव ने उच्च शिक्षा और अनुसंधान क्षेत्र में कैरियर की चुनौतियों और संभावनाओं पर चर्चा की. वहीं पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की सहायक निदेशक रश्मि शितोले तथा वेिश बैंक परियोजना से जुड़े सुलेमान फैटी ने शासन, सामाजिक सुरक्षा और समावेशी विकास में अर्थशास्त्र की भूमिका स्पष्ट की. कार्यक्रम के अंत में दिवंगत शिक्षाविद् डॉ. एस.वी. बोकिल और डॉ. विकास चित्रे को श्रद्धांजलि अर्पित की गई.